छत्तीसगढ़

अंडा और चिकन खाना सेफ या नहीं ? FSSAI ने गाइडलाइंस में बताया- अफवाह से बचें

नेशनल(खबर वारियर)- दुनिया के कई देशों और भारत के कई राज्यों में बर्ड फ्लू (Bird Flu) फैला हुआ है. ऐसे में चिकन और अंडों के शौकीनों के लिए असमंजस की स्थिति बनी हुई है. लोगों को कंफ्यूजन है कि बर्ड फ्लू के चलते पॉल्ट्री प्रोडक्ट्स खाना सेफ है या नहीं. फ्लू फैलने के डर के चलते खासकर चिकन और अंडे की डिमांड और कीमत दोनों में गिरावट आई है. बर्ड फ्लू के संक्रमण को लेकर कई प्रकार की अधूरी जानकारियां और भ्रम सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्म पर फैल रहे हैं.

इन सब के चलते फूड सेफ्टी एंड स्‍टैंडडर्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने इस बारे में गाइडलाइन जारी करके स्थिति साफ की है. फूड सेफ्टी अथॉरिटी ने कहा है कि 70 डिग्री सेल्सियस पर 3 सेकेंड में ही यह वायरस दम तोड़ देता है. अगर मांस सभी भागों और अंडों को 74 डिग्री सेल्सियस तापमान पर पकाया जाए तो यह वायरस मर जाता है. लिहाजा पॉल्ट्री बिजनेस से जुड़े कारोबारियों और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है. एफएसएसएआई ने कारोबारियों और उपभोक्ताओं को अपने दिशानिर्देश में क्या करें और क्या नहीं करें की पूरी जानकारी दी है.

 इन बातों का रखें ध्यान

  • अंडों को अधपका नहीं खाएं
  • चिकन जब पक रहा हो तो बीच में इसे नहीं खाएं
  • मरे हुए पक्षियों को नंगे हाथ (Barred Hand) से नहीं छुएं
  • सिर्फ अच्छे और पूरी तरह से पके चिकन व अंडों को खाएं
  • इंफेक्टेड (Infected) इलाकों में पक्षियों के सीधे संपर्क में आने से बचें
  • कच्चे मांस के साथ सीधे संपर्क में आने से बचें
  • कच्चे मांस को खाली स्थान पर नहीं रखें
  • कच्चे चिकन को हैंडल करने के दौरान मास्क और गल्व्स का इस्तेमाल करें
  • बार-बार हाथ धोते रहें
  • आस-पास के स्थानों को साफ-सुथरा रखें

WHO की सलाह

मांस और अंडों के उपभोग को लेकर विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) ने भी कहा है कि पॉल्ट्री मीट और अंडे पूरी तरह सुरक्षित हैं. डब्ल्यूएचओ की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, महामारी विज्ञान से संबंधित अब तक कोई ऐसा आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, जिससे साबित हो कि अच्छे तरीके से पकाए गए मांस और अंडों के इस्तेमाल से मानव शरीर में यह वायरस फैलता है।

 

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