बिजली पोल हटाने के लिए रकम जमा करवाने के बाद ना तो पोल हटाया और ना ही रकम लौटाई :: जिला उपभोक्ता फोरम ने विद्युत कंपनी के अधिकारियों पर लगाया 6 लाख 5 हजार रुपये हर्जाना

दुर्ग(khabarwarrior)विद्युत कंपनी ने परिवादी संस्थान के प्लॉट से 33 के.व्ही. विद्युत पोल हटाने के लिए बड़ी राशि जमा कराई और पूरी राशि मिलने बाद भी ना तो पोल हटाया और ना ही परिवादी संस्था को उसकी राशि वापस की। इस आचरण को व्यवसायिक कदाचरण और सेवा में निम्नता ठहराते हुए जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने छत्तीसगढ़ राज्य पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड एवं छत्तीसगढ़ राज्य पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के पद्मनाभपुर दुर्ग कार्यालय के कार्यपालन यंत्री एवं सहायक अभियंता पर 6 लाख 5 हजार रुपये हर्जाना लगाया।

परिवादी संस्था की शिकायत

परिवादी संस्था जुग महादेव एजुकेशनल सोसायटी के सचिव सुशील चंद्राकर ने उपभोक्ता फोरम के समक्ष ये परिवाद दायर किया कि पुलगांव चौक पर उनके संस्थान द्वारा निर्माण कराए जा रहे कालेज के प्लॉट से 33 के.वी. पोल लगा हुआ है, जिसके ऊपर से हाईवोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन गुजरती है।

पत्र व्यवहार करने पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने कहा कि 554076 रुपये भुगतान करने पर उक्त पोल को परिवादी के प्लॉट से हटा दिया जाएगा, जिस पर सहमत होते हुए परिवादी ने दिनांक 31 मार्च 2008 को 554076 रुपये भुगतान कर दिया परंतु संपूर्ण राशि प्राप्त होने के बाद भी अनावेदकों द्वारा ना तो 33 के.वी. पोल को हटाया गया और ना ही राशि वापस की गई। इस बाबत लगातार पत्राचार किया गया परंतु अनावेदकगण ने कोई जवाब नहीं दिया।

अनावेदक का जवाब

अनावेदकगण ने लिखित जवाब प्रस्तुत करते हुए कहा कि परिवादी के प्लाट में लगे विद्युत पोलों को हटाने हेतु दिनांक 28 अप्रैल 2008 को वर्क आर्डर जारी किया गया था और विद्युत पोल हटा दिया गया है। परिवादी ने समयसीमा के बाद प्रकरण पेश किया है इसीलिए प्रकरण खारिज किया जाए।

फोरम का फैसला

प्रकरण में पेश दस्तावेजों एवं प्रमाणों तथा दोनों पक्षों के तर्को के आधार पर जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने यह निष्कर्षित किया कि अनावेदकगण ने पोल हटाने संबंधी कोई दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया है, पोल शिफ्टिंग का जो कार्य हुआ है वह पूर्व में किए गए शिफ्टिंग के संबंध में है ना कि वर्तमान शिफ्टिंग के संबंध में है।

दिनांक 28 अप्रैल 2008 को वर्क आर्डर जारी करने के पश्चात शिफ्टिंग का कोई कार्य किया गया था यह प्रमाणित नहीं होता है। अनावेदकगण ने 554076 रुपये जमा करवाने के बावजूद परिवादी के परिसर से 33 के.वी. विद्युत पोल नहीं हटाया, जो व्यवसायिक कदाचार एवं सेवा में कमी की श्रेणी में आता है।

जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने छत्तीसगढ़ राज्य पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड एवं छत्तीसगढ़ राज्य पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के पद्मनाभपुर दुर्ग कार्यालय के कार्यपालन यंत्री एवं सहायक अभियंता पर 6 लाख 5 हजार 76 रुपये हर्जाना अधिरोपित किया, जिसके तहत अनावेदकगण को परिवादी की जमा राशि 554076 रुपये, मानसिक परेशानी की क्षतिपूर्ति स्वरूप 50000 रुपये तथा वाद व्यय 1000 रुपये का भुगतान करना होगा, साथ ही जमा राशि पर 31 मार्च 2008 से 6 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज भी देना होगा।