सिंहासन छूटने के बाद विचलित डॉक्टर रमन सिंह का बयान सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश -गांधी

रायपुर(khabarwarrior)छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी रिसर्च डिपार्टमेंट के अध्यक्ष इदरीस गांधी ने बयान जारी कर कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को अपने कार्यकाल में की वादाखिलाफी की याद दिलाई है, उन्होंने डॉ रमन सिंह के द्वारा ट्वीट कर भूपेश सरकार के जन घोषणा पत्र के वादों पर किए सवाल का जवाब देते हुए कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को पहले अपने गिरेबान पर झांकना चाहिए।
इदरीस गांधी ने रमन सिंह के 15 साल कार्यकाल याद दिलाते हुए बताया है, छत्तीसगढ़ में मिली करारी हार के बाद डॉ रमन सिंह को आत्म अवलोकन करने की जरूरत है, छत्तीसगढ़ की जनता ने भाजपा को 15 सीट में समेट दिया इसके लिए जिम्मेदार डॉ रमन सिंह को घर मे बैठ कर अपने कार्यकाल का आकलन करना चाहिए।

डॉ रमन सिंह को याद दिलाते हुए गांधी ने कहा कि वे  अपने पहले कार्यकाल में आदिवासियों को जर्सी गाय देने का वादा कर भरमाया था और 5 साल तक वह वादा पूरा नहीं कर पाए थे वही दूसरे कार्यकाल में दाना-दाना धान खरीदी का वादा कर पूरा धान खरीदी नहीं की थी, एपीएल कार्ड धारियों का राशन वादा पूरा नहीं किया और तीसरे कार्यकाल में धान का समर्थन मूल्य के साथ 2 साल का बोनस देने का वादा भी पूरा नहीं किया था ।

गांधी ने कहा है कि जो मुख्यमंत्री खुद के 15 साल के कार्यकाल में जनता से किए कई वादों को पूरा नहीं कर सका उसको दूसरे पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है।

डॉ रमन सिंह ने अपने कार्यकाल में हर वर्ग के साथ छलावा किया और उनसे किए वादे पूरे नहीं किए इसी का नतीजा है कि जनता ने प्रचंड बहुमत के साथ कांग्रेस सरकार को छत्तीसगढ़ की बागडोर सौंपी है जनता के जनादेश को कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सर आंखों पर रखते हैं इसीलिए सरकार बनने के 2 घंटे के भीतर ही भूपेश बघेल की सरकार ने किसानों के कर्ज माफी के साथ ₹2500 प्रति क्विंटल धान खरीदी की सौगात दी,, जोकि जन घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा करने के प्रति मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की इच्छाशक्ति को दर्शाता है,

रीसर्च विभाग अध्यक्ष इदरिश गांधी ने डॉ रमन सिंह के 15 साल के कार्यकाल पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के 15 महीने के कार्यकाल को भारी करार दिया है।

उन्होंने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ के  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में काम करने वाली सरकार गांव गरीब किसान जवान और सियान सबकी चिंता कर रही है इदरिश गांधी का कहना की झीरम घाटी के मामले को सुलझाने के लिए एस आई टी का गठन किया जा चुका है केंद्र की एजेंसी एनआईए जांच रोकने के लिए षडयंत्र कर रही है ,लेकिन इस मामले सरकार सुलझा कर बीजेपी सरकार के तत्कालीन साजिशकर्ताओं कर्ताओं को बेनकाब करेगी ।

बेेरोजगार के मामले में सरकार ने संवेदनशीलता से निर्णय लिया है और 15000 शिक्षक भर्ती का अहम फैसला मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा ही लिया गया फैसला है शराबबंदी के लिए राज्य सरकार ने तीन स्तर पर अलग-अलग कमेटियां बनाकर काम शुरू कर दिया है जबकि बीजेपी इसमें नकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाते हुए राजनीतिक कमेटी में अपने सदस्यों का नाम तक नहीं दे रही है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी रिसर्च डिपार्टमेंट के अध्यक्ष    इदरीश गांधी ने डॉ रमन सिंह से सवाल किया है कि शराबबंदी के मामले में बीजेपी क्यों अपना स्टैंड क्लियर नहीं कर रही और शराबबंदी की दिशा में की जा रही पहल पर बैक फुट में हैं ,उन्होंने छत्तीसगढ़ की सरकार को किसानों की हितैषी सरकार करार देते हुए बताया है कि किसानों के लिए हर संभव प्रयास सरकार के द्वारा किए जा रहे हैं जबकि 25 00 प्रति क्विंटल धान का समर्थन मूल्य देने की राह में केंद्र ने ही कांटे बिछाए हैं उसके बावजूद राजीव गांधी न्याय योजना के तहत समर्थन मूल्य के अंतर की राशि किसानों को सीधे खाते में दी जा रही है।

 इदरीस गांधी ने डॉ रमन सिंह से सवाल किया है कि किसानों को समर्थन मूल्य ₹2500 प्रति क्विंटल देने के फैसले में केंद्र के आड़ेंगे को हटाने के संबंध में उन्होंने अब तक केंद्र सरकार से कोई पत्र व्यवहार क्यों नहीं किया ??

उन्होंने  आरोप लगाया है कि डॉ रमन सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इतना डरते हैं कि राज्य के किसानों के हित की बात भी पीएम के सामने नहीं रख पा रहे हैं जिससे साबित हो जाता है कि डॉ रमन सिंह ना तो अच्छे मुख्यमंत्री साबित हुए नाही एक अच्छे विपक्ष की ही भूमिका वह निभा पा रहे हैं गांधी ने आगे कहा कि अपने प्रदेश के किसानों की बात को केंद्र के सामने नहीं उठा पाने का जवाब डॉक्टर रमन सिंह को प्रदेश की जनता को देना चाहिए, उन्होंने डॉ रमन सिंह को ट्वीट बाजी सवाल उठाने के बजाय अब तक अपनी भूमिका का आकलन करने की नसीहत भी दी।

इदरीस गांधी ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 5 साल का जनादेश दिया है इन 5 सालों में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जन घोषणापत्र का एक-एक वादा पूरा करने कृत संकल्पित हैं ऐसे में बीजेपी के बयानवीर नेताओं को धैर्य रखकर सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए।