केन्द्र के समान महँगाई भत्ता की मांग को लेकर मंत्रालयीन कर्मचारी संघ की अपील का दिखने लगा असर,काली पट्टी लगाकर मांगों के समर्थन में आए अधिकारी-कर्मचारी

नवा रायपुर (खबर वारियर) केन्द्र के समान 34 प्रतिशत महँगाई भत्ता की माँग और छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ की अपील का असर मंत्रालय के सभी विभागों में देखने को मिला। इसकी बानगी मंगलवार को मंत्रालय संघ द्वारा आयोजित आमसभा में भी देखने को मिली थी जब केन्द्र के समान महँगाई भत्ता और सातवें वेतनमान के अनुसार गृह भाड़ा भत्ता की द्विसूत्रीय माँग के समर्थन में अधिकारी/कर्मचारी मंत्रालय की ठंडी हवा को त्यागकर, तपती धूप में सभा में समर्थन देने भारी संख्या में बाहर निकले।
आमसभा में समर्थन से उत्साहित संघ के पदाधिकारियो ने बताया कि 6 से 8 अप्रैल तक काली पट्टी लगाकर माँगों के समर्थन में कार्य सम्पादित करने के निर्णय को कर्मचारी -अधिकारियों ने हाथों हाथ लिया और चपरासी से लेकर प्रथम श्रेणी अधिकारी तक, सहायक ग्रेड 3 से लेकर निज सचिव और स्टॉफ ऑफिसर तक सभी ने आज स्वस्फूर्त काली पट्टी लगाकर काम किया। यहाँ तक की मुख्यमंत्री सचिवालय एवं मुख्य सचिव कार्यालय में भी कर्मचारी अधिकारियों ने काली पट्टी लगाकर अपनी माँगों का समर्थन और सरकार द्वारा महँगाई भत्ते में विलम्ब किये जाने का सांकेतिक विरोध प्रदर्शित किया।

संघ के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह राजपूत की अगुवाई में कोषाध्यक्ष पवन साहू, संयुक्त सचिव मनोज साहू, संरक्षक तीरथ लाल सेन, सदस्य उमेश सिंह, विष्णु मोंगराज, दिनेश ठाकुर, सचिव कांति सूर्यवंशी, तारा कुजूर एवं संघ के अन्य कार्यकारिणी सदस्यों ने आज दिनभर खूब पसीना बहाया।
अध्यक्ष राजपूत के अनुसार, संघ की अपील पर अधिकारी कर्मचारी स्वेच्छा से विधिवत मुख्य सचिव को सम्बोधित कर 13 अप्रैल का एक दिवसीय आकस्मिक अवकाश का फॉर्म भरकर संघ पदाधिकारियों को सौंपा जिसमें मुख्यमंत्री सचिवालय, मुख्यसचिव कार्यालय, वित्त विभाग, विधि विभाग, आदिमजाति, पंचायत, PWD, जलसंसाधन जैसे तमाम 56 विभागों के आला अधिकारी कर्मचारियो द्वारा लगभग 900 से अधिक संख्या में अवकाश आवेदन भर दिये गये हैँ। कल यह संख्या लगभग शतप्रतिशत होने का अनुमान है।
अध्यक्ष राजपूत ने कहा कि प्रतिदिन की स्थिति और अपडेट से मुख्य सचिव महोदय को अवगत कराया जा रहा है। शासन को कर्मचारियों की पीड़ा को समझकर लंबित 17% महँगाई भत्ता भुगतान का आदेश तत्काल करना चाहिए और गृह भाड़ा भत्ता सहित अन्य समस्त भत्तो को सातवें वेतनमान अनुसार संशोधित करना चाहिए ताकि महँगाई से पीड़ित कर्मचारियों को न्याय मिल सके।

ऐसा पहली बार है जब राज्य के कर्मचारियों का महँगाई भत्ता केन्द्र से पाँच किश्त पिछड़ चुका है। सरकारी कर्मचारियों के बर्दाश्त की सीमा टूट रही है क्योंकि महँगाई से सबकी कमर टूट चुकी है।
कर्मचारियों को पीड़ित करने का ख़ामियाजा पूर्ववर्ती दिग्विजय सरकार और रमन सरकार भुगत चुकी है। उम्मीद है वर्तमान सरकार के सलाहकार मुख्यमंत्रीजी को सही स्थिति का आंकलन और उचित सलाह देंगे।
मंत्रालय संघ की अगुवाई में महँगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा के बैनर तले प्रदेश के समस्त कर्मचारी अधिकारी 11 से 13 अप्रैल को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे।
इसके बाद मांगपूर्ति नही होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को विवश होंगे।



