छत्तीसगढ़

आवारा मवेशियों द्वारा फसल चराई से रक्षा के लिए पीड़ित किसानों ने जिला पंचायत सीईओ से लगाई गुहार,

सरकार के गरूआ, गोठान और गोधन-न्याय जैसी योजनाओं पर उठने लगे सवाल

दुर्ग(खबर वारियर)आवारा पशुओं द्वारा फसल की चराई से पीड़ित किसानों ने छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के नेतृत्व में जिला पंचायत दुर्ग के सीईओ आलोक से भेंट करके आवारा पशुओं से फसलों की रक्षा करने की व्यवस्था करने की गुहार लागाया।

किसानों के प्रतिनिधि मंडल ने सीईओ को बताया कि शासन की गरूआ, गोठान और गोधन न्याय  जैसे कार्यक्रमों से भी आवारा पशुओं द्वारा फसल चराई की समस्या से किसानों को छुटकारा नहीं मिल रहा है।

प्रतिनिधि मंडल में शामिल किसानों का कहना है कि  सरकार द्वारा गौठान योजना को खुले में घूमते पशुओं को गौठान में रखने ,चराई की समस्या से निजात की अभिनव‌ योजना बता रही है एवं गौठान में चारे पानी की व्यवस्था की बात कर रही ।है वहीं पर लाखों रुपए खर्च कर गौठान एवं शेड निर्माण कार्य किया गया है उसके बाद भी गांवों में चरी की समस्या बनी हुई है तो फिर योजना से किसानों को क्या लाभ?

जिला पंचायत के सीईओ ने प्रतिनिधि मंडल को सरपंच, गौठान समिति और ग्रामीणों से सामंजस्य बनाकर आवारा मवेशियों को नियंत्रित करने के लिये प्रयास करने का भरोसा दिया किंतु परिणाम मूलक कोई योजना से प्रतिनिधि मंडल को संतुष्ट नहीं कर सके।

संगठन की ओर से सीईओ को आगाह किया गया कि यदि एक सप्ताह में शासन प्रशासन के द्वारा आवारा पशुओं द्वारा फसल की चराई को नियंत्रित करने के लिये सार्थक उपाय नहीं किये गये तब पीड़ित किसान आंदोलन करने के लिये विवश हो जायेंगे इसके अलावा प्रभावित किसानों की ओर से एस डी एम के समक्ष और पुलिस थानों में रिपोर्ट भी दर्ज कराया जायेगा।

प्रतिनिघि मंडल में कांति देशमुख, बंशी देवांगन, परमानंद यादव, उत्तरा पटेल, दीपक यादव, वेदनाथ हिरवानी, उत्तम चंद्राकर, हिमेश देशमुख, प्रमोद पंवार, आई के वर्मा, झबेंद्र भूषण वैष्णव और राजकुमार गुप्त शामिल थे ।

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