पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने किया कटाक्ष : बेबुनियाद और द्वेषपूर्ण आरोपों के बाद अंत में माफी मांगना ही राहुल गांधी की नियति

सुप्रीम कोर्ट ने पीएम केयर्स फंड को एनडीआरएफ में स्थानान्तरित करने की मांग को किया ख़ारिज
पीएम केयर्स फंड को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से कांग्रेस की कुटिल नीयत हो गई बेनक़ाब-भाजपा
रायपुर(खबर वारियर)भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पीएम केयर्स फंड को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को कांग्रेस की कुटिल नीयत बेनक़ाब करने वाला बताते हुए कहा है कि पीएम केयर्स फंड को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जो दुर्भावना, द्वेष और अविश्वास फैलाने का काम किया, उसे सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले से करारा झटका मिला है।
डॉ. सिंह ने कहा कि पहले राफेल पर झूठ फैलाने के नाम पर मुँह की खाने के बाद अब इस फैसले के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी ‘मंडली’ को अपने तौर-तरीक़ों में बदलाव लाना होगा अन्यथा भविष्य में भी वे लोग यूँ ही शर्मिंदगी झेलते रहेंगे।
बीजेपी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अब पीएम केयर्स फंड को लेकर बार-बार भ्रम व झूठ फैला रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राहुल गांधी को अपने तथ्य और सत्य समझ को विकसित करने की आवश्यकता है।
हर मुद्दे पर विरोध के लिए विरोध की राजनीति करके राहुल गांधी और उनके सहयोगी कांग्रेस का जिस तरह बेड़ा गर्क कर रहे हैं, उसके मद्देनज़र अब यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि राफेल विमान सौदे पर सुप्रीम कोर्ट में माफी मांगकर कांग्रेस को सरेआम शर्मिंदा करने वाले राहुल गांधी को सर्वोच्च न्यायालय के इस ताज़ा फैसले के बाद भी री-लॉन्च करने पर आमादा कांग्रेस नेतृत्व क्या कुछ सबक लेने की तैयारी में है?
डॉ. सिंह ने कटाक्ष किया कि देश जानता है कि केवल ‘मोदी-विरोध’ के इकलौते एजेंडे पर चल रहे राहुल गांधी की नियति अपने हर बेबुनियाद और द्वेषपूर्ण आरोपों के बाद अंत में माफी मांगना ही हो गई है।
भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम केयर्स फंड को लेकर अपने झूठ को स्थापित करने की जो नाकाम कोशिश की है, उसने कोरोना महामारी के ख़िलाफ़ जारी ज़ंग को कमज़ोर भी किया है। इसके लिए भी उन्हें पूरे देश से नि:शर्त माफी मांगनी चाहिए।
आरोप लगाने से पहले उन्हें तथ्य और सत्य की समझ होती तो आज कांग्रेस नेतृत्व को यूँ दोबारा मुँह की नहीं खानी पड़ती। डॉ. सिंह ने कहा कि पीएम केयर्स फंड से अब तक कोरोना संक्रमण से मुक़ाबले के लिए 31सौ करोड़ रुपए की मदद मुहैया कराई गई है। 02 हज़ार करोड़ रुपए के वेटिलेटर ख़रीदे गए हैं, 01 हज़ार करोड़ रुपए प्रवासी मज़दूरों के लिए आवंटित किए गए हैं। पीएम केयर्स फंड का हिसाब मांगने वालों को पहले अपनी और अपने गठबंधन की सरकारों के कामकाज और हिसाब पर नज़र रखने की आवश्यकता है।
भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने दावा किया कि पीएम केयर्स फंड का पूरा खर्च पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है जबकि कांग्रेस व उसके गठबंधन शासित राज्यों में सरकारों के कामकाज और हिसाब-किताब का कोई पारदर्शी ब्योरा सामने नहीं आ रहा है।
सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पीएम केयर्स फंड को लेकर सवाल उठाने और हिसाब मांगने वालों को ज़रा अपनी सरकार से मुख्यमंत्री सहायता कोष का हिसाब भी मांगने का साहस करना चाहिए।
मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा राशि बताने वाले कांग्रेस के नेता यह भी तो बताएँ कि उसमें कितनी राशि कोरोना के ख़िलाफ़ जारी ज़ंग में छत्तीसगढ़ सरकार ने ख़र्च की है? डॉ. सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत उनकी पूरी ‘मंडली’, कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियाँ शुरू से ही झूठ-पर-झूठ फैलाकर कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई में देश को कमज़ोर करने में लगी हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने पीएम केयर्स फंड को एनडीआरएफ में स्थानान्तरित करने की मांग को किया ख़ारिज
न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेडडी और न्यायमूर्ति एम. आर. शाह की पीठ ने यह भी व्यवस्था दी कि पीएम केयर्स में दिया गया चंदा चैरिटेबल ट्रस्ट की निधि है। न्यायालय ने कहा कि एन.डी.आर.एफ. में अंशदान करने पर कोई कानूनी पाबंदी नहीं है। पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि पीएम केयर्स निधि में जमा की गई राशि एन डी आर एफ से पूरी तरह भिन्न है।
कोविड-19 के लिए राष्ट्रीय योजना बनाने के याचिकाकर्ता के अनुरोध पर उच्चतम न्यायालय ने व्यवस्था दी कि इस संबंध में केन्द्र द्वारा तैयार की गई योजना महामारी से निपटने के लिए पर्याप्त है।


