छत्तीसगढ़राजनीति

भाजपा कार्यकाल में महिला आरक्षण बिल क्यों नहीं ?- रिजवी

रायपुर(ख़बर वारियर)- जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया प्रमुख, मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व उपमहापौर तथा वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने कहा है कि भाजपा द्वारा सी.ए.ए. एवं एन.आर.सी. जैसे बिलों को पास करने में जो तत्परता एवं उतावलापन दिखाया गया वह भाजपा के मुस्लिम विरोधी मानसिकता को दर्शाता है तथा मोदी जी का यह कहना सबका साथ सबका विकास एक जुमला बनकर रह गया है।

सी.ए.ए. एवं एन.आर.सी. जैसे असामयिक, उत्तेजक एवं विस्फोटक बिलों से देश की जनता को भड़काकर भाजपा द्वारा अपना स्वार्थ सिद्ध करने का कुत्सित प्रयास किया गया जो देश की गंगा जमनी संस्कृति के मार्ग में रोड़ा है तथा देश को पुनः विभाजन एवं गृहयुद्ध की ओर धकेलने का असफल प्रयास सिद्ध होगा। इसके अलावा भाजपा के पास आजादी के पहले और बाद में कोई सकारात्मक उपलब्धि या योगदान का पूर्णतः अभाव है।

रिजवी ने भाजपा पर वार करते हुए कहा है कि भाजपा एवं आर.एस.एस. विधानसभा एवं लोकसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण वाला बिल क्यों प्रस्तुत नहीं कर रही है? जो यह सिद्ध करता है कि दोनों ही महिला आरक्षण के पक्ष में नहीं है। महिला आरक्षण के लिए पूर्व में कांग्रेस शासनकाल में भाजपा महिला मोर्चा ने हायतौबा मचा कर जो उतावलापन दिखाया था उन मोर्चा की बहनों को कुंभकर्णी नींद से जागना चाहिए तथा महिला आरक्षण बिल संसद में प्रस्तुत करने भाजपा पर दबाव बनाना चाहिए क्योंकि यह आम चर्चा है कि भाजपा एवं संघ परिवार महिला आरक्षण के पक्ष में नहीं है इसीलिए भाजपा एवं संघ में आज तक के इतिहास में राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संघ प्रमुख किसी महिला को नहीं बनाया गया।

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