ऑनलाइन कक्षाएं हुई सख्त, अब कक्षा के प्रतिदिन की पूरी जानकारी देनी होगी

बिलासपुर(ख़बर वारियर)- स्मार्टफोन के पहियों पर सवार उच्च शिक्षा की गाड़ी को गति देने कालेजों में आनलाइन कक्षाएं लगाने कहा गया है। देर से शुरू हुई पढ़ाई में भी नियमित कक्षाएं लगाने की अनिवार्यता को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। निर्देश का पालन सुनिश्चित करने सख्ती भी शुरू हो गई है, जिसके तहत अब कोरबा के कालेज जिले के प्राध्यापक व सहायक प्राध्यापकों को अपनी प्रतिदिन की कक्षा की जानकारी विश्वविद्यालय को भेजनी होगी, जिसमें बताना होगा कि उन्होंने क्या पढ़ाया और कितने छात्र आनलाइन कक्षा में जुड़े।
अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर से संबद्ध शासकीय व निजी समेत जिले में कुल 17 कालेज संचालित हैं। आफलाइन पढ़ाई को लेकर व्यवस्था नहीं बनने पर दो नवंबर से विश्वविद्यालय ने आनलाइन कक्षाएं शुरू करने के निर्देश कालेजों को जारी किए थे। प्राध्यापकों को अपने-अपने विषय व संकाय के छात्र-छात्राओं को मोबाइल फोन, क्रोम बुक, लेपटाप या डेस्कटाप पर उपलब्ध सुविधा व संसाधनों के अनुरूप आनलाइन कक्षाएं प्रतिदिन अनिवार्य रूप से लेने कहा गया था।
कोरोनाकाल में समय-समय पर लागू लाकडाउन की पाबंदियों के असर से पहले ही कक्षाएं देर से शुरू हुई और पढ़ाई काफी पिछड़ गई है। अगली कक्षा में सरल प्रक्रिया से पदोन्नति जैसे इंतजाम कर अब नए शैक्षणिक सत्र की पढ़ाई आनलाइन माध्यम से शुरू कर नुकसान हुए समय को कवर करने का प्रयास किया जा रहा है। मंशा के विपरीत अनेक कालेजों में आनलाइन कक्षाएं नियमित लेने की बजाय लापरवाही की जा रही है। यही लापरवाही रोकने के लिए विश्वविद्यालय ने एक निर्देश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि अब कालेज के प्राध्यापकों व सहायक प्राध्यापकों को अब तक ली गई कक्षा की जानकारी भेजनी होगी।
गूगल लिंक में भरना है प्रपत्र
उच्च शिक्षा संस्थाओं में नियमित आनलाइन कक्षाएं लगाने को लेकर कितनी गंभीरता बरती जा रही, इस पर निगरानी करने विश्वविद्यालय की ओर से एक प्रपत्र जारी किया गया है। कालेजों के प्राध्यापक व सहायक प्राध्यापकों को गूगल फार्म लिंक में उपलब्ध इस प्रपत्र में कालेज का नाम, क्या आनलाइन कक्षाएं प्रारंभ हुई, हां या नहीं, आनलाइन ली गई कक्षाओं की जानकारी, विषय, छात्र-छात्राओं की दर्ज संख्या, तिथिवार उपस्थिति व उनकी संख्या लिखनी होगी।
नहीं चल रही नियमित कक्षाएं
इस प्रपत्र को भरकर मांगी गई सभी जानकारी कालेजवार, कक्षावार इसलिए मांगी जा रही है, ताकि कोरोनाकाल के चलते अब तक बाधित हो रही पढ़ाई को गति दी जा सके और नुकसान का सिलसिला यहीं रोककर विद्यार्थियों की परेशानी का हल किया जा सके। शासकीय व निजी समेत सभी संबद्ध कालेजों को दो नवंबर से आनलाइन कक्षा लगाने कहा गया था, पर अनेक संस्थाओं ने अभी भी कक्षाएं नहीं शुरू नहीं की है। कई उच्च शिक्षा संस्थाओं में कुछ कक्षाएं लगाकर खानापूर्ति भी की जा रही है। ऐसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही।
संस्था प्रमुख होंगे जवाबदार
विश्वविद्यालय से जारी निर्देश में यह भी कहा गया है कि अगर किसी कालेज में आनलाइन कक्षाएं नहीं लगना पाया जाता है, तो इस लापरवाही का जवाबदारी संस्था प्रमुख को माना जाएगा। कक्षाएं नहीं लगने से चिंतित विश्वविद्यानय प्रबंधन ने संबंधित कालेजों के प्राचार्यों को जल्द से जल्द क्लास शुरू कर व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही इस प्रपत्र को भरने और विश्वविद्यालय को भेजने पर मिलने वाली रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो जाएगा कि अब भी कौन सी संस्थाएं कक्षाएं शुरू नहीं कर सकी हैं और कहां कक्षाएं नियमित रूप से लेकर आनलाइन अध्यापन कराया जा रहा है।


