उद्योगपतियों ने किया विरोध, नया स्टील प्लांट बनने का विरोध, क्या है कारण

रायपुर(खबर वारियर)- प्रदेश शासन द्वारा भले ही बस्तर क्षेत्र में स्टील प्लांट लगाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उद्योगपति चाहते हैं कि स्टील प्लांट जगदलपुर के पास ही लगे। उद्योगपतियों का कहना है कि जगदलपुर के पास ही निजी जमीन पर प्लांट लगाया जाए। साथ ही आयातित कोयले का बस्तर में उपयोग करने पर भी नाराजगी बनी हुई है। उद्योगपतियों का कहना है कि राज्य भर में स्थित उद्योग कोयले का उपयोग नहीं कर पाएंगे, तो उत्पादन में दिक्कतें आ सकती हैं।
उद्योग सूत्रों का कहना है कि मूल रूप से स्पंज आयरन प्लांट्स को कोयले की जरूरत पड़ती है। मगर, पिछले कुछ महीने से कोल कंपनियां बिजली उत्पादकों को ज्यादा कोयला दे रही हैं, ताकि बिजली का संकट पैदा न हो। इससे निजी स्पंज आयरन प्लांटों को को कोयला नहीं मिल पा रहा है। उद्योगपतियों द्वारा आस्ट्रेलिया व दूसरे क्षेत्रों से कोयले का आयात करना शुरू कर दिया है।
प्लांटों की संख्या बढ़ेगी, तो बड़ी राहत की जरूरत होगी
उद्योग सूत्रों का कहना है कि राज्यभर में कोर सेक्टर को खोला जाना काफी अच्छी बात है, लेकिन कुछ चीजों पर ध्यान देना जरूरी है। प्लांटों की संख्या बढ़ेगी, तो बड़ी राहत की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में बस्तर में आयातित कोयले का उपयोग बाहर के प्लांट नहीं कर पाएंगे।
लौह अयस्क महंगा तो सरिया भी महंगी
सूत्रों ने बताया कि लौह अयस्क यानी आयरन ओर की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण इन दिनों सरिया की कीमतों में भी जबरदस्त तेजी बनी हुई है। रिटेल में सरिया इन दिनों 49,200 रुपये प्रति टन में बिक रहा है। उद्योगपतियों का कहना है कि मांग काफी कम है, लेकिन अयस्क की कीमत बढ़ने से सरिया के दाम बढ़ गए हैं।



