केंद्रीय बजट में देश व प्रदेश के कर्मचारियों की अपेक्षाओं को पूरा करें वित्त मंत्री- विजय झा

रायपुर( खबर वारियर)- छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने केंद्र सरकार द्वारा कल प्रस्तुत किए जाने वाले केंद्रीय बजट में देश एवं प्रदेश के शासकीय सेवकों की करोना काल के कारण हुई अनेक क्षति को पूर्ति करने के लिए केंद्रीय बजट से अनेक अपेक्षाएं हैं जिसे केंद्रीय वित्त मंत्री सीता रमैया से इस ओर ध्यान आकृष्ट करने की मांग की है.
छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार झा एवं जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खान ने बताया है कि कल प्रस्तुत किए जाने वाले केंद्रीय बजट में देश व प्रदेश की आर्थिक स्थिति और राजनीतिक उठापटक को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय बजट में कर्मचारियों के हित में कोई अच्छा निर्णय होने की संभावना प्रतीत नहीं हो रही है नेताद्बय ने कोरोना काल में देश में शासकीय सेवकों के फ्रंट लाइन में काम करने दुखद निधन होने एवं आर्थिक समस्याओं से गुजरने की ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं वित्त मंत्री सीतारमैया का ध्यान आकृष्ट करते हुए अपेक्षा की है कि आयकर की सीमा 500000 से बढ़ाई जानी चाहिए.
देश में 2004 के बाद नियुक्त शासकीय सेवकों को पुरानी पेंशन योजना लागू करते हुए नवीन अंशदाई पेंशन योजना को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए केंद्र सरकार द्वारा कोरोना वायरस संकट का हवाला देकर देश के शासकीय सेवकों के को देय महंगाई भत्ता एवं वेतन वृद्धि पर विगत डेढ़ वर्षों से लगाए गए रोक को तत्काल हटाया जाना चाहिए प्रधानमंत्री एक देश एक कानून की वकालत करते हैं कर्मचारी संघ की मांग है कि एक देश एक वेतन भी होना चाहिए अनेक राज्यों में आज भी सातवा केंद्रीय वेतनमान पूर्णतया लागू नहीं है पेंशनरों के लिए भी इसे प्रभावी नहीं किया गया है और राज्य सरकार अपनी स्वेच्छाचरिता से शासकीय सेवकों एवं पेंशनरों को वेतन भत्तों का भुगतान करते हैं देश का दुर्भाग्य है कि प्रतिपक्ष के नेता के रूप में राहुल गांधी जिस वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ता रोकने के केंद्र सरकार की नीति की आलोचना करते हैं.
उसी कांग्रेस पार्टी की अनेक राज्य सरकारें उनके भावना के विपरीत वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ता पर रोक लगाए हुए हैं केंद्र व राज्य सरकार आर्थिक संकट का बहाना कर कर्मचारियों को उनके जायज आर्थिक मांगों से वंचित रखे हुए हैं दूसरी ओर केंद्र एवं राज्य सरकार कर्मचारियों से मितव्ययिता की अपेक्षा रखते हैं लेकिन स्वयं सरकारें मितव्ययिता नहीं अपनाती है उसका जीता जागता प्रमाण 20 से 25 हजार करोड़ के सेंट्रल विस्टा योजना के तहत नवीन लोक सभा प्रधानमंत्री निवास राष्ट्रपति निवास का निर्माण किया जा रहा है वर्तमान में साउथ ब्लॉक लुटियन जोन को सरकार तोड़ना चाहती है जिससे अभी वर्तमान में काम चलाया जा सकता है.
इसे तोड़ने का आधार केवल अंग्रेजों द्वारा निर्मित इस पुराने भवन को तोड़ना बताया जाकर स्वयं नवीन निर्माण कर अपनी वाहवाही लूटना चाहते हैं इसी प्रकार राज्य सरकार भी नया राजभवन मुख्यमंत्री निवास विधानसभा एवं मंत्रियों के आलीशान बंगले बनाने के लिए तत्पर है और दूसरी ओर आर्थिक संकट का रोना रोते हैं यह दोहरी नीति व्यवहारिक एवं अस्वीकार्य है कर्मचारी संघ की केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री से अनेक अपेक्षाएं हैं.
उसे पूरा किया जाने की मांग संघ के कार्यकारी अध्यक्ष अजय तिवारी महामंत्री उमेश मुदलियार संभागीय अध्यक्ष संजय शर्मा प्रांतीय सचिव अमर मुदलियार नरेश व ढेर आलोक यादव संभागीय सचिव बिंदेश्वरी राम रौतिया एमपी आड़े जी एस यादव टार्जन गुप्ता बजरंग मिश्रा अरुंधति परिहार अश्वनी वर्मा नीरज प्रताप सिंह संतोष धनगर प्रदीप उपाध्याय सुंदर यादव दिनेश मिश्रा राजू गवरी जीपी जयसवाल रामसागर कोसले राजकुमार अवस्थी संजय सक्सेना आर एल चौधरीआदि नेताओं ने की है.



