कृषि कानूनों में ‘काला’ क्या है ये बताए विपक्ष, राज्यसभा में बोले कृषि मंत्री

शुक्रवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हम सब इस बात को जानते हैं की 2020 कठिनायों से भरा रहा है, कोविड 19 का संकट आया, रोज़गार प्रभावित हुआ, लेकिन मुझे इस बात को कहते हुए प्रसन्ता है की हमारे देश का लोकतंत्र और देश के नागरिक दोनों इस देश की बड़ी ताकत हैं.
बीजेपी खून से खेती कभी नहीं कर सकती’
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि विपक्ष समेत सरकार विरोधियों ने माहौल बनाया हुआ कि सरकार काला कृषि कानून लेकर आई है. उन्होंने कहा कि मैं किसानों के साथ अब तक हुई 12 मीटिंग में यही पूछता रहा कि सरकार के कानून में काला क्या है, मुझे आज तक कोई नहीं पाया. कृषि मंत्री ने कहा कि भारत सरकार किसी भी तरह के संसोधन को तैयार है, इसका मतलब ये नहीं है कि किसान कानून में गलती है. लेकिन किसान आंदोलन में गलती है, पूरा एक राज्य गलत फहमी का शिकार है. किसानो को इस बात के लिए बरगलाया जा रहा है कि ये कानून आपकी जमीन को ले जायेंगे. कृषि मंत्री ने कहा कि खून से सिर्फ कांग्रेस खेती कर सकती है भाजपा ऐसा कभी नहीं कर सकती.
‘किसान को जेल जाना पड़े, सरकार कभी ऐसा कानून नहीं ला सकती’
राज्यसभा में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि किसान कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के एक्ट से बाहर हो सकता है, लेकिन व्यापारी बिना पैसा दिए इस एक्ट से बाहर नहीं हो सकता है. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि पंजाब के कांट्रैक्ट फार्मिंग में प्रावधान है कि अगर किसान गलती करता है तो वो जेल जा सकता है लेकिन केंद्र सरकार कभी ऐसा कानून नहीं ला सकती.
‘मोदी सरकार ने मनरेगा को परिमार्जित करने का काम किया’
राज्यसभा में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मेरा मानना है कि सरकार कोई भी हो लेकिन गांव में रहने वाले गरीब किसान मजदूर के जीवन में बदलाव आए ये हमारी प्रमुखता होनी चाहिए. कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि माना कि आपने मनरेगा शुरू की, लेकिन आपके समय में इसमें गड्ढे ही खोदे जाते थे. हमने इसे परिमार्जित करने का काम किया.
दस करोड़ से ज्यादा किसानों को 1,15,000 करोड़ रुपये अकाउंट में भेजे
किसान की आमदनी दोगुनी हो इसके लिए सरकार ने प्रधानमंत्री किसान योजना के माध्यम से 6,000 रुपये का योगदान दिया. आज हम ये कह सकते हैं कि दस करोड़ 75 लाख किसानों को 1,15,000 करोड़ रुपये डीबीटी से उनके अकाउंट में भेजने का काम किया हैः



