छत्तीसगढ़

न्यायाधीशों से स्कूली बच्चों ने जाना अपने अधिकार व कानूनी बारीकियां

दुर्ग (खबर वारियर)- न्यायालय व्यवस्था व ग्रामीणों को निर्भीक एवं बच्चों को कानूनों से अवगत कराने प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की टीम ग्राम कोड़िया पहुंची। वहां ग्राम पंचायत तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रशांत देवांगन ने बच्चों को उनके अधिकार व कानूनों की जानकारियां देते हुए कहा कि अपराध पुराने समय से चली आ रही है,और आगे भी होती रहेगी, लेकिन कानून के माध्यम से अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है।

अगर पुलिस आपकी फरियाद नहीं सुन रही तो संबंधित जिले के अधीक्षक को रजिस्टर्ड पोस्ट करिए। वहां भी अगर कार्यवाही नहीं हो रही तो 15-20 दिन बाद न्यायालय की शरण में आएं।

मजिस्ट्रेट निराला ने संविधान के तहत प्रदत्त निशुल्क शिक्षा का अधिकार,मानव तस्करी, बाल मजदूरी, बाल विवाह के बारे में स्कूली बच्चो को जानकारी दी। मजिस्ट्रेट सक्सेना ने राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान, फ्लेग कोड 2002 व आई टी एक्ट ,पाक्सो एक्ट के बारे में अवगत कराया।

 

मजिस्ट्रेट विवेक केरकेट्टा ने मोटर वाहन अधिनियम के बारे में ड्राइविंग लाइसेंस और सही उम्र के बारे में बच्चो को जानकारी दी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पर निशुल्क विधिक सहायता के बारे में स्कूली बच्चों को जानकारी दी। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोड़िया के प्राचार्य अनिल कुमार गुप्ता ने आभार व्यक्त किया। इस अक्सर पर भरत चंद्राकर, पूर्व सरपंच राधे लाल साहू, सरपंच चन्द्रभान सारथी, जगत निषाद,पंचायत प्रतिनिधि, व महिला स्वयं सेविकाओं, शाला के शिक्षक, शिक्षिकाओं व ग्रामीणों की उपस्तिथि रही।

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