भारत के सभी पड़ोसी देशों में पेट्रोल सस्ता, पड़ोसी राज्यों व जिलों से शराब की भाॅति आयात किया जाए पेट्रोल

रायपुर(खबर वारियर)- छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संध ने निरंतर बढ़ते पेट्रोल की कीमतों व उसमें की जा रही राजनीति को अनुचित बताते हुए मंहगाई की तुलना में केन्द्र व राज्य सरकार मंहगाई क्यों प्रदान नहीं कर रही है। कर्मचारी संध ने भारत के सभी पड़ोसी देशों में पेट्रोल की कम कीमतों को दृष्टिगत् रखते हुए आयात किये का परामर्श प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिया है। साथ ही मांग की है कि मंहगाई भत्ता की धोषणा भी केन्द्र व राज्य सरकारें शीध्र करें।
संध के प्रदेशाध्यक्ष विजय कुमार झा एवं जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खाॅन ने बताया है कि केन्द्र व राज्य मूल्य वृद्वि के लिए दोषी है। शासकीय सेवकों को जो मंहगाई भत्ता दिया जाता है वह मूल्य सूचकांक के आधार पर ही दिया जाता है। लगातार जीवनोपयोगी वस्तुओं के मूल्य पेट्रोल, डीजल, गैस की कीमतों में वृद्वि होने के कारण मंहगाई पर नियंत्रण नहीं रह गया है। विधानसभा चुनाव के कारण असम को छोड़कर देश में पेट्रोल 100 रू. 07 पैसे में बेचा जारहा है। वहीं देश के पड़ोसी देशों में क्रमशः श्रीलंका 60 रू. 26 पैसे, भूटान नेपाल में 49 रू.56 पेसे, बंगला देश 76 रू. 41 पैसे, चाइना 74 रू. 74 पैसे, पाकिस्तान 51 रू. 14 पैसे, प्रति लीटर बेचा जा रहा है।
भारत भी उन्हें निर्यात करता है तो लगभग 50 रू. लीटर में करता है। अपने देश में 50 रू. लीटर के पेट्रोल पर राज्य सरकार 38 रू. 55 पैसे प्रतिलीटर एवं केन्द्र सरकार 16 रू. 50 पैसे, तथा डीलर का कमीशन 6 रू. 50 पैसे जोड़कर 100 रू. से अधिक कीमत पर देश में पेट्रोल बेचा जा रहा है। छत्तीसगढ़ में कहावत है ‘‘जतका के मुर्गा नई तेकर ले ज्यादा पुदगवईनी‘ की कहावत चरितार्थ हो रहा है। केन्द्र व राज्य सरकार चाहे तो मंहागाई पर नियंत्रण कर सकती है और मंहगाई भत्ता भी दे सकती है। केवल सबका साथ व सबका विकास की इच्छा शक्ति होनी चाहिए।
संध के प्रमुख संरक्षक पी.आर.यादव, सलाहकार पी.आर.गोलछा, शालिक सिंह ठाकुर, कार्यकारी अध्यक्ष अजय तिवारी, महामंत्री उमेश मुदलियार, संभागीय अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रांतीय सचिव विश्वनाथ ध्रुव, अमर मुदलियार, नरेश वाढ़ेर, रामचंद ताण्डी, विमल चंद्र कुण्डू, सुरेन्द्र त्रिपाठी, दिनेश मिश्रा, आलोक जाधव, डाॅ. अरूंधति परिहार, सी.एल.दुबे, बी.पी.कुरील, जे.पी.जायसवाल, राजू गवई, आदि नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री भूपेश बधेल से मांग की है कि वे अपने-अपने पेट्रोल के अतिरिक्त राशि को वापस लेने की मांग करते हुए शासकीय सेवकों के रूके हुए 9 प्रतिशत् मंहगाई भत्ता जो जनवरी 2020 व जुलाई 2020 का लंबित है, तत्काल भुगतान करने की मांग की है।



