छत्तीसगढ़

CG बजट 2021: कर्मचारियों के लिए बजट निराशाजनक,

“भूपेश है तो भरोसा है का नारा-कर्मचारियों के लिए नहीं “

रायपुर(khabar warrior)– छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संध के प्रांताध्यक्ष विजय कुमार झा, जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खाॅन ने राज्य के मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री भूपेश बधेल द्वारा प्रस्तुत बजट में प्रदेश के लाखों शाकसीय सेवकों की मांगों पर न तो कोई चर्चा किया गया और न ही स्थापना व्यय में कोई विशेष प्रावधान भी नहीं किया गया।

कर्मचारियों की बजट में अपेक्षा थी ंकि 9 प्रतिशत् लंबित मंहगाई भत्ता, 7 वां वेतनमान् का एरियर्स, रोके गए वेतनवृद्वि को नियमित करने, 7 वें वेतनमान् के आधार पर गृहभाड़ा भत्ता, नगर क्षति पूर्ति भत्ता को पुनरीक्षित करने, शिक्षा कर्मियों को संविलियन दिनांक से नहीं अपितु नियुक्ति दिनांक से सेवा व वरिष्ठता की गणना करने, 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना लागू करने, 10 प्रतिशत् अनुकंपा नियुक्ति का सीमाबंधन समाप्त करने, कोरोना भत्ता व नक्सली क्षेत्र भत्ता देने, क्रमोन्नति पदोन्नति में अधिकारी-कर्मचारी में व्याप्त भेदभाव समाप्त करने, पेट्रोल व गैस सिलंेण्ड के मूल्यों को कम करने राज्य का वैट टैक्स कम करने, जैसे ज्वलंत समस्याओं पर कोई चर्चा व प्रावधान नहीं किया गया है।

कोरोना से मृत शासकीय सेवकों के परिजन आश्रित तृतीय श्रेणी के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति हेतु भटक रहे है, किंतु सीमाबंधन के कारण चतुर्थ श्रेणी में नियुक्ति हेतु बाध्य व मजबूर किया जा रहा है। इसी प्रकार विधटित राज्य परिवहन के मृत कर्मचारियों के लिए अनुकंपा नियुक्ति नियम न होने से भी न भारत में न पाकिस्तान में अपितु पाक अधिकृत कश्मीर बनकर रहे गए है। इन सब कारणों से पूरे प्रदेश के जिला तहसील विकासखण्डों से फोन आ रहे है कि सरकार से पूछा जावे ‘‘क्या हुआ तेरा वादा‘ जो चुनावी धोषणा पत्र में वादे किए गए थे, उन्हें पूरा करने में 2 वर्ष का समय समाप्त हो गया है।

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