रामायण काल का प्रसिद्ध “राम सेतु” राष्ट्रीय स्मारक घोषित, देखें विडियो

डेस्क (khabar warrior)- रामायण काल में मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम की एक निशानी “राम सेतु” जिसपर अब भी रिसर्च जारी भारत ने उसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित कर दिया है। रावण से सीता जी को छुड़ाने के लिए लंका जाने का यह रास्ता आज भी अंतरिक्ष से साफ देखा जा सकता है। भारत की तरफ धनुषकोटि से यह रास्ता प्रारंभ होता है लेकिन समय के साथ यह समुद्र के पानी के भीतर है लेकिन इसे पानी पर से साफ देखा जा सकता है। धनुषकोटि रामेश्वरम में है और समुद्र का किनारा है।
आज भी इस रास्ते पर काफी दूर तक वाहन से जाया जा सकता है लेकिन कुछ दूर के बाद पानी ज्यादा होने की वजह से वाहन से नहीं पहुंचा जा सकता। कांग्रेस पार्टी ने राम सेतु को काल्पनिक बताया था और इसके लिए एक याचिका भी लगाई गई थी। जबकि कहा जाता है कि रामेश्वरम के शिवलिंग जो 12 ज्योर्तिलिंगों में से है उसकी स्थापना रामायण काल में श्री राम ने की थी। आज भी पानी में तैरने वाले पत्थर रामेश्वर में बहुतायत में मिलते हैं जिसका उपयोग वानर सेना ने राम सेतु को बनाने में किया था।
Are the ancient Hindu myths of a land bridge connecting India and Sri Lanka true? Scientific analysis suggests they are. #WhatonEarth pic.twitter.com/EKcoGzlEET
— Science Channel (@ScienceChannel) December 11, 2017
देश के संस्कृति मंत्री प्रहलाद पटेल ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए है। प्रहलाद पटेल ने कहा कि लंबे समय से यह मांग की जा रही थी कि राम सेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जाय इसलिए राम सेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया गया है। इस पर शोध अब भी जारी है।



