स्थानांतरित संगठन अपनी मांगों के लिए महा ट्वीट अभियान चलाकर करेंगे मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री का ध्यान आकर्षित

रायपुर (खबर वारियर) स्थानांतरित संगठन साझा बैनर तले प्रथम तिथि वरिष्ठता निर्धारण के बाद ही प्रा/प्र.पाठक में पदोन्नति करने महा TWEET अभियान में सभी स्थानांतरित TWEET कर मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे
प्रमुखता से समस्त स्थानांतरित 27000 शिक्षक एल बी संवर्ग E,T के लिए जो गैर वित्तीय मामले है प्राचार्य/प्रधानपाठक में पदोन्नति लाभ हेतु वरिष्ठता प्रथम तिथि से गणना करने लगातार राज्य सरकार को जिला कार्यालय के माध्यम से व सीधे मुख्यमंत्री व उच्च अधिकारी को ज्ञापन सौपने के साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से महा tweet अभियान की घोषणा किये है ।
सोशल मीडिया के माध्यम से दिनांक – 12/02/22 को शाम 4.00से 7.00बजे तक प्रदेश भर के स्थानांतरित शिक्षक मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री को tweet कर अपने मांगो से पुनः अवगत कराएंगे।
संगठन से मिली जानकारी अनुसार पंचायत से शिक्षा विभाग में संविलयन के लिए नियम 8 वर्ष था मुख्यमंत्री द्वारा रिलेक्सेशन कर 2 वर्ष किया गया व शिक्षा विभाग में पदोन्नति हेतु प्राचार्य/प्रधान पाठक में 5 वर्ष के नियम सुधार मांग पर मुख्यमंत्री द्वारा वन टाइम रिलेक्सेशन कर 3 वर्ष किया गया है लेकिन स्थानांतरित शिक्षको के पंचायत विभाग के सेवा को अन्य जिले मे नियुक्ति तिथि से गणना कर रहे है जिससे 15 या 20 वर्ष वाले अनुभवी व,वरिष्ठ शिक्षक 8 या 9 वर्ष वाले अनुभवी से कनिष्ठ हो रहे है किसी भी प्रकार से रिलेक्सेशन नही किया गया है जिसके कारण वरिष्ठता हेतु नए नीति निर्धारण नही होने से वरिष्ठता प्रभावित होगी प्राचार्य / प्र.पाठक बनने से वंचित हो जाएंगे ।
संगठन ने वन टाइम रिलेक्शेसन कर प्रथम नियुक्ति तिथि से सामान्य प्रशासन विभाग के रूल से गणना कर सही वरिष्ठता निर्धारित करने व प्रथम नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता का प्रावधान करते पश्चात ही प्राचार्य व प्रधानपाठक के पदों पर शीघ्र पदोन्नति करने की मांग करेंगे ताकि अनुभवी शिक्षक को लाभ मिले ।
स्थानांतरित संगठन के संचालक लालबहादुर साहू , भूपेंद्र गिलहरे व जाकेश साहू ने संयुक्त रूप से विज्ञप्ति जारी कर सभी स्थानांतरित को अधिक से अधिक tweet कर ,tweet महाभियान को सफल बनाने की अपील की है आवश्यकता पड़ने पर जल्द ही पोस्ट कार्ड अभियान चलाने की बात कही है ताकि 27000 स्थानांतरित अपने मांगो को प्रदेश के मुखिया के पास पहुंचा सके।



