कृषि उपजों के लिये न्यूनतम गारंटी मूल्य कानून बनाने का वायदा पूरे करने की मांग को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन

दुर्ग (खबर वारियर) कृषि उपजों के लिये न्यूनतम गारंटी मूल्य कानून बनाने का वायदा पूरे करने की मांग को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ किसानों ने जमकर प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और कलेक्टर के नाम अलग अलग मांगपत्र सौंपा ।
केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानून वापस लेते समय कृषि उपजों का न्यूनतम गारंटी मूल्य के लिये कमेटी बनाने का वायदा किया था जिसे 4 माह बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं किया है, मोदी सरकार के वायदा खिलाफी के विरोध में राष्ट्रीय संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज किसान संगठनों ने पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किया।

छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने आज दुर्ग में गांधी प्रतिमा के पास जबरदस्त प्रदर्शन कर मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रतिकूल मौसम से खराब हुए फसलों के लिये राहत राशि की मांग:
प्रदर्शनकारी किसान प्रदेश के बघेल सरकार से भी इस बात से आक्रोशित थे कि प्रतिकूल मौसम के कारण सभी प्रकार के फसल खराब हो जाने के कारण प्रभावित किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ था। सरकार ने प्रभावित किसानों को आरबीसी 6-4 के प्रावधानों के अनुसार राहत राशि प्रदान करने का भरोसा दिया था किंतु राहत राशि तो मिलना दूर शासन प्रशासन ने जिस प्रकार सिर्फ दिखावे के नाम पर आधा अधूरा सर्वे कराया है जिसके आधार पर पीड़ित किसानों को फसल की वास्तविक क्षति के लिये वाजिब राहत राशि मिलने की संभावना कम है।
सड़क निर्माण से प्रचलित आबादी के प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा और क्षतिपूर्ति राशि देने की मांग,
प्रदर्शनकारी किसान इस बात से भी आक्रोशित थे कि मुख्यमंत्री के पाटन क्षेत्र में सेलूद रानीतराई सड़क निर्माण में प्रचलित आबादी के प्रभावित कब्जाधारियों को मुआवजा राशि दिया गया है लेकिन गृहमंत्री के दुर्ग क्षेत्र में चल रहे सड़क चौड़ीकरण के अनेक परियोजनाओं से प्रचलित आबादी के प्रभावितों को अतिक्रमणकारी बताकर मुआवजा राशि से वंचित कर दिया गया है।
इसी प्रकार पाटन क्षेत्र में भारतमाला परियोजना से प्रभावित किसानों को लगानी भूमि के लिये दो गुणांक से मुआवजा राशि की गणना की गई है जबकि दुर्ग क्षेत्र में भारतमाला परियोजना के प्रभावितों के मुआवजे की गणना एक गुणांक से की गई है।

बाद में किसानों ने रैली के रूप में जिला कार्यालय जाकर संयुक्त कलेक्टर जागेश्वर कौशल को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और कलेक्टर के नाम अलग अलग मांगपत्र सौंपा ।



