आज इंद्रावती भवन में भूपेश बघेल को पेंशन दृष्टा उपाधि से सम्मानित करेगा फेडरेशन-कमल वर्मा

नवा रायपुर (खबर वारियर) छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन 4 अप्रैल को इंद्रावती भवन नवा रायपुर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को “पेंशन दृष्टा” की उपाधि से सम्मानित करेगा। उन्हें यह सम्मान राज्य में नई पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना को लागू करने के अतुलनीय निर्णय के कारण प्रदान किया जा रहा है।
आम तौर पर शासन द्वारा शासकीय सेवकों एवं नागरिकों को उल्लेखनीय कार्य के लिए उपाधि से सम्मानित किया जाता है। लेकिन देशभर में 2004 तथा पश्चात नियुक्त हुए शासकीय सेवकों को भी पुरानी पेंशन योजना में शामिल करने वर्षों पुरानी माँग को लेकर जारी आंदोलनों के बीच छत्तीसगढ़ राज्य में लागू करने के ऐतिहासिक निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सम्मान 48 विभागों के शासकीय सेवकों के संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा किया जा रहा है।
राज्य में पुरानी पेंशन योजना लागू होने से अंशदायी पेंशन फण्ड के अंतर्गत 288628 कर्मचारी एवं उनके परिवार के सदस्य खासे उत्साहित हैं। साथ ही 2004 के पहले नियुक्त कर्मचारी-अधिकारी भी अपने भावी पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित हो जाने के कारण बेहद खुश है।
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा,महामंत्री आर के रिछारिया,सचिव राजेश चटर्जी,कोषाध्यक्ष सतीश मिश्रा, मुख्य प्रवक्ता विजय झा ,प्रवक्ता बी पी शर्मा एवं संगठन मंत्री संजय सिंह का कहना है कि फेडरेशन के 14 सूत्रीय माँग पत्र में शामिल मुद्दों पर शासन निर्णय ले रहा है।
फेडरेशन का कहना है कि शासन को केंद्र के समान महँगाई भत्ता स्वीकृत करने का निर्णय लेना चाहिये। यह मुद्दा शासकीय सेवकों की भावना एवं उनके परिवार के हित से जुड़ा है। फेडरेशन लिपिक/शिक्षक/स्वास्थ कर्मचारियों के वेतन विसंगति निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है।
केन्द्र के समान गृहभाड़ा भत्ता,7 वेतन का बकाया एरियर्स, अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण,चार स्तरीय वेतनमान, सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी/सहायक शिक्षकों को तृतीय समयमान वेतनमान स्वीकृति मामलों पर मुख्यमंत्री को निर्णय लेना चाहिए।इन मामलों को पेंडिंग रखने विभागीय नीति के कारण सरकार के विरुद्ध आक्रोश पनप रहा है।
उन्होंने बताया कि फेडरेशन के रणनीतिकारों के सोच के दायरे में कर्मचारियों के वर्तमान की आवश्यकता के साथ-साथ भविष्य की आवश्यकता भी है। उनका कहना है कि माँगों को मनवाने के लिये समयानुसार आंदोलन और सम्मेलन दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
फेडरेशन ने कलम रख-मशाल उठा चरणबद्ध आंदोलन दिसंबर 2020 में किया। सितंबर 2021 में कलम बंद-काम बंद हड़ताल किया। समय,काल एवं परिस्थिति अनुसार उपलब्धि भी मिला है। जो मिला है उसका स्वागत करेंगे और जो बाकी है उसके लिये सभी मार्ग खुले हैं।
इंद्रावती भवन नवा रायपुर में 4 अप्रैल 22 को दोपहर 2 बजे से आयोजित सम्मान समारोह के तैयारी में फेडरेशन से सम्बद्ध संगठनों के प्रांताध्यक्ष/महामंत्री,संभाग प्रभारी/संभाग संयोजक, जिला/ब्लॉक/तहसील संयोजक/पदाधिकारियों की मुख्यमंत्री से बहुत उम्मीदें है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन से जुड़े विभिन्न कर्मचारी संगठनों के कर्मचारी नेता डॉ. लक्ष्मण भारती, बिन्देश्वर राम रौतिया,ओंकार सिंह,पंकज पाण्डेय,चन्द्रशेखर तिवारी,मनीष मिश्रा,डी एस भारद्वाज,बिरेन्द्र नाग,सत्येन्द्र देवॉगन,राम सागर कौशले,दिनेश रायकवार,प्रशांत दुबे,मूलचंद शर्मा,शशिकांत गौतम,मनीष ठाकुर,आर एन ध्रुव,देवलाल भारती,अजय तिवारी,यशवंत वर्मा,श्रीमती रंजना ठाकुर, ऋण राजपूत,सत्यदेव वर्मा, हरिमोहन सिंह,राकेश शर्मा, डॉ भूपेंद्र गिलहरे, राकेश सिंह, मनोज साहू,रमेश ठाकुर,रवि गढ़पाले, शंकर वराठे,दिलीप झा,अश्वनी वर्मा,नीरज प्रताप सिंह, अश्वनी चेलक,सतीश ब्यौहरे, अनिल देवांगन,बजरंग मिश्रा, टार्जन गुप्ता,तुलसी राम साहू, होरीलाल छेदैय्या,गोपाल साहू, एम.एल.चन्द्राकर,केदार जैन, लैलून भारद्वाज, संजीव सिरमौर,उमेश मुदलियार, आमोद श्रीवास्तव,संतोष वर्मा, अशोक रायचा आदि ने कर्मचारी-अधिकारियों से सम्मान समारोह में अपने साथियों सहित भाग लेने का आव्हान किया है।



