फेडरेशन आज पूरे प्रदेश में प्रदर्शन कर सौंपेगा ज्ञापन

रायपुर (खबर वारियर) छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा महंगाई भत्ता एवं गृह भाड़ा भत्ता में केंद्रीय कर्मचारियों तथा राज्य शासन के अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की तुलना में भेदभाव की नीति अपनाकर प्रदेश के शासकीय सेवकों को देय तिथि के स्थान पर 1 मई 2022 से महंगाई भत्ता देकर 1 जनवरी 2020 से 30 अप्रैल 2022 तक 28 माह का एरियस राज्य सरकार ने डकार कर आर्थिक क्षति पहुंचा रही है। इसी प्रकार केंद्रीय कर्मचारियों को गृह भाड़ा भत्ता 20% एवं राज्य सरकार के कर्मचारियों को 10% देकर भेदभाव एवं उपेक्षा पूर्ण अफसरशाही नीति के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया गया है।
प्रथम चरण में आज पूरे प्रदेश में जिला तहसील विकासखंड मुख्यालयों में भोजन अवकाश में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन कलेक्टरों, अनुविभागीय अधिकारियों, तहसीलदारों के माध्यम से सौंपा जाएगा। रायपुर राजधानी के कर्मचारी भोजन अवकाश में कलेक्टर परिसर रायपुर में एकत्र होकर ज्ञापन सौंपेंगे।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा एवं प्रमुख प्रवक्ता विजय कुमार झा ने बताया है कि प्रदेश के शासकीय सेवकों के 17% महंगाई भत्ता जो 1 जनवरी 20 से देश था उसे रोककर केवल 5% महंगाई भत्ता की घोषणा की गई। यह महंगाई भत्ता देय तिथि 1 जनवरी 20 के स्थान पर 1 मई 2022 से लेकर 28 महीने के आर्थिक क्षति प्रदेश के कर्मचारियों के साथ की गई है।
नगर क्षतिपूर्ति भत्ता में भी केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में राज्य सरकार में भेदभाव व्याप्त है। प्रदेश के कर्मचारी महंगाई भत्ता को वेतन का हिस्सा होने के कारण मौलिक अधिकार मानते हुए, अपने आप को छला महसूस कर रहे हैं।
फेडरेशन के द्वारा तीन चरणों में आंदोलन करने के निर्णय के परिप्रेक्ष्य में आज पूरे प्रदेश के जिला, तहसील, विकासखंड मुख्यालयों में नारेबाजी व प्रदर्शन कर आंदोलन की विधिवत सूचना राज्य सरकार को देकर मांग पत्र सौंपा जाएगा।
आज के आंदोलन का नेतृत्व फेडरेशन के प्रवक्ता बीपी शर्मा, महामंत्री संजय सिंह, महासचिव राजेश चटर्जी, कोषाध्यक्ष सतीश मिश्रा, आरके रिछारिया, रायपुर संभाग प्रभारी चंद्रशेखर तिवारी, संयोजक अजय तिवारी, जिला शाखा संयोजक इदरीश खान, मूलचंद शर्मा, पंकज पांडे, यशवंत वर्मा, बिहारी लाल शर्मा, सत्येंद्र देवांगन, राम सागर कोसले, मनीष ठाकुर बिंदेश्वरी राम रौतिया होरीलाल चिरैया, श्रीमती रितु परिहार, मनीष ठाकुर, राजेश सोनी, प्रवीण ढिढ़वंशी, आदि नेताओं ने प्रदेश के कर्मचारियों से अपील की है कि कर्मचारियों के मान सम्मान की रक्षा करने में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।



