
रायपुर- (khabarwarrior) बच्चों के बौद्धिक क्षमता, immunity को बढ़ाने एवं बार बार बीमार होने से बचाने के लिए शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय रायपुर के बालरोग विभाग में प्रत्येक माह के पुष्य नक्षत्र को 0 से 16 वर्ष के बच्चों को सुबह 9 बजे से दोपहर 02 बजे तक स्वर्णप्राशन कराया जाता है। यह स्वर्ण प्राशन भारतीय चिकित्सा के पारंपरिक चिकित्सा में से एक महत्वपूर्ण औषधि है, जो कि स्वर्ण भस्म (gold particle) शहद एवं विभिन्न औषधि से मिश्रित घी से मिलकर बनाया जाता है।
स्वर्णप्राशन करने हेतु सर्वप्रथम अपने कतार में रहकर आधार कार्ड के माध्यम से regiatration कर कार्ड प्राप्त कराया जाता है, तत्पश्चात बच्चे का वजन ऊंचाई का नाम करके कक्ष क्रमांक 10 में स्वर्णप्राशन कराया जाता है।
देखिए 2026-27 के पुष्य नक्षत्र तारीखों की पूरी सूची :




