छत्तीसगढ़

शनिवार अवकाश के दिन भी हजारों ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी डटे रहे धरना स्थल पर

रायपुर(खबर वारियर)- छत्तीसगढ़ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ द्वारा 26 दिसंबर से जारी अनिश्चितकालीन आंदोलन के 15 वे दिन द्वितीय शनिवार के अवकाश के बाद भी बड़ी संख्या में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी धरना स्थल पर डटे रहे जिसमें महिलाओं की संख्या उल्लेखनीय रही है.

छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार झा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष एम पी आड़े महामंत्री विजय कुमार लहरें ने बताया है कि प्रदेश में यह ऐतिहासिक एवं पहला आंदोलन है. जो विभाग में पदोन्नति नियम 2003 को लागू कराने के लिए आंदोलन किया जा रहा है. ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की इस अनार्थिक मांग पर विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं नियम विपरीत पदोन्नति के खिलाफ प्रदेश के आरक्षित वर्ग के इन ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों ने संघर्ष का शंखनाद किया है. त्रुटिपूर्ण पदोन्नति नियम विपरीत पदोन्नति पाने वालों को उच्च अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है.

विभाग में नियमानुसार सूचना के अधिकार के तहत पदोन्नति के फाइल में की गई कार्यवाही की जानकारी भी देने में नीचे से ऊपर तक टालमटोल की स्थिति बनी हुई है प्रदेश में आरक्षित वर्गों की उपेक्षा का आरोप सत्तारूढ़ पार्टी के ऊपर लग रहा है. जिसके लिए विभागीय अधिकारी संरक्षण एवं प्रोत्साहित करने के लिए जवाबदार हैं. आज रविवार को भी 11:00 बजे धरना स्थल पर हड़ताली ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी धरना देंगे. बस्तर सरगुजा अंबिकापुर से आए हुए इन आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों का रायपुर राजधानी में शासन प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है कि इनकी अनार्थिक मांगों को पूरा कराने के लिए प्रयास किया जाए शासन के उच्च मंत्री पदाधिकारी के निर्देशों की भी उपेक्षा करने में कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पीछे नहीं रह रहे हैं.

आज हड़ताली कर्मचारियों की सभा को संघ के कार्यकारी अध्यक्ष अजय तिवारी प्रांतीय सचिव सीएल दुबे प्रांत अध्यक्ष एम पी आड़े महामंत्री विजय कुमार लहरें तथा प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष विजय कुमार झा ने वर्चुअल मोबाइल के माध्यम से सभा को संबोधित करते हुए कड़ाके की ठंड में भी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की चट्टानी एकता को सलाम करते हुए सत्य परेशान हो सकता है. पराजित नहीं हो सकता इस भावना से आंदोलन को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया गया है.

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