बाहर के खाने से बचे अगर खांए तो रखे इस बात का ध्यान… रहे सतर्क

जीवन शैली(ख़बर वारियर)- कोरोना संक्रमण की चपेट में आने वालों की संख्या में एक बार फिर इजाफा होने लगा है। ऐसे में शहर के खानपान के बाजारों ने दुबारा नई नीति बनाना शुरू किया है। कुछ लोगों का कहना है कि इस दौर में घर के बाहर का खाना संक्रमित होने की वजह बन सकता है तो कुछ का कहना है कि भोजन से संक्रमित होने का कोई सीधा संबंध नहीं है। इंदौरियों के लिए यह बात थोड़ी मुश्किल हो रही है कि वे बाहर का खाना खाएं या नहीं। आहार एवं पोषण विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौर में बाहर का खाना सेहत के लिए फायदेमंद नहीं है, लेकिन फिर भी यदि आप खाते हैं तो सावधानी बरतना बहुत जरूरी है।
बाहर से खाना अपने बर्तन में लाएं
बाहर का भोजन बहुत जरूरी होने पर ही लें। कोशिश करें कि खुला खाना नहीं बल्कि पैक्ड फूड लें। पैकेट को घर लाकर पहले उसे सैनिटाइज करें और भोजन को अच्छे से गर्म करके खाएं। समोसे-कचोरी आदि यदि बाजार से ला रहे हैं तो कढाही से उतरते ही उन्हें अपने बर्तन में रखवाएं। गर्म खाने में बैक्टेरिया नहीं होते। दुकान से कागज या थैली में न डलवाएं और दुकान के बर्तन का तो बिल्कुल इस्तेमाल न करें।
प्रोटीन और व्यायाम का रखें ध्यान
घर के बाहर फल, सलाद, अंकुरित अनाज आदि न खाएं, हो सकता है कि वे बहुत पहले से कटे रखे हों। बाहर का यदि खाना ही है तो पका हुआ और गर्म ही खाएं। किसी के छींकने या खांसने से खुले खाने में वायरस आ सकते हैं, लेकिन गर्म भोजन में इसकी आशंका नगण्य हो जाती है। खाने में प्रोटीन, विटामिन सी का ज्यादा इस्तेमाल करें और नियमित व्यायाम करें। हल्दी वाला दूध, दालचीनी, कालीमिर्च, लौंग, अदरक आदि का सेवन करें।
दहीबड़े से बचें, सूप-दूध लें
अपने साथ तुलसी, अदरक व दालचीनी युक्त गर्म पानी रखें ताकि घर के बाहर यदि खाने में आए तो गर्म पानी पी सकें। होटल में भी सलाद आदि नहीं खाएं, लेकिन सूप पी सकते हैं। बाहर के दहीबड़े, चाट, कढ़ी-फाफड़ा आदि खुले खाद्य पदार्थ न खाएं। आइसक्रीम, गुलाबजामुन आदि मिठाई का इस्तेमाल नहीं करें लेकिन गरम रबड़ी, मसाला दूध है और वह डिस्पोजेबल में दिया जा रहा है तो लिया जा सकता है। बाहर का पानी नहीं पिएं। जिस स्थान पर बहुत भीड़ हो वहां दूरी बनाए रखें।



