कृषि कानूनों के विरोध में उतरे लोगों से भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा केे प्रदेश अध्यक्ष नवीन मारकण्डेय नेे किया ये सवाल

रायपुर (खबर वारियर) भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा छत्तीसगढ़ केे प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आरंग विधानसभा क्षेत्र नवीन मारकण्डेय नेे कृषि कानूनों और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग का विरोध कर रहे लोगों व दलों से ये सवाल करते हुए कहा है कि यह समाचार दूसरे राज्य का नही अपितु हमारे छत्तीसगढ़ प्रदेश के किसानों की दयनीय स्थिति को दर्शाता है।
● क्या छत्तीसगढ़ शासन बाजार मूल्य को रेगुलेट कर पाने में असमर्थ है?
● जिस टमाटर की कीमत 10 दिन पहले ₹40 किलो थी आज उसकी कीमत ₹0.50 पैसे भी क्यों नहीं मिल पा रहा?
◆सब्जियों का विक्रय मूल्य उत्पादन लागत से कई गुना कम कौन तय करता है?
◆ सब्जियों के मूल्यों में इतने उतार-चढ़ाव का कारण क्या है?
● किसानों की इस दयनीय स्थिति से निपटने के लिए शासन के पास क्या कार्ययोजना उपलब्ध है?
• बिचौलियों से निपटने के लिए शासन के पास क्या कार्ययोजना उपलब्ध है?
• विक्रय मूल्य उत्पादन लागत से कम होने पर कर्ज लेकर कृषि कार्य करने वाले किसान का कर्ज कौन चुकाएगा?
● कर्ज से लदे किसानों के जीवन यापन में कोई समस्या ना आए इन सुनिश्चित करने के लिए शासन के पास क्या कार्ययोजना है?
नवीन मारकण्डेय न कहा कि,मैं जानता हूँ कि छत्तीसगढ़ शासन के पास मेरे सवालों का कोई सटीक जवाब उपलब्ध नही है। इसी परिस्थितियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने नए कृषि क़ानूनों में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग की व्यवस्था दी है।
कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में कॉन्ट्रैक्ट मूल्य से नीचे का भुगतान क़ानूनी अपराध होगा और कॉन्ट्रैक्ट मूल्य से बाजार मूल्य अधिक होने पर उसे बोनस के रूप में किसानों को दिया जाएगा।
अब यह किसान भाई ही तय करें कि झूठे नेताओं की गफलतबाजी में आकर क्या उन्हें इसी तरह कर्ज के बोझ तले दबे रहकर अपना जीवन बर्बाद करना है या नए कृषि कानूनों के तहत कॉन्ट्रैक्ट एन्ड स्मार्ट फार्मिंग के साथ उज्ज्वल व समृद्ध भविष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ना है।




