छत्तीसगढ़

किसानों के आंदोलन के समर्थन में 8 दिसंबर को दुर्ग -भिलाई के व्यावसायी आधे दिन के लिये अपने कारोबार रखेंगे बंद

रायपुर(खबर वारियर)- किसान संगठनों द्वारा तीन कृषि कानूनों और बिजली कानून को रद्द करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी की मांग पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन किया जा रहा है किसान संगठनों ने अपनी मांगों के समर्थन में 8 दिसंबर को भारत बंद करने का ऐलान किया है,

किसान संगठनों के भारत बंद को दुर्ग भिलाई में सफल बनाने के लिये राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक तीर्थराज पैलेस में हुई, बैठक में शामिल दलों के प्रतिनिधियों ने व्यावसायिक संगठनों से अपील किया है कि 8 दिसंबर को आधे दिन के लिये दोपहर 2 बजे तक अपना कारोबार बंद करके किसानों के आंदोलन को समर्थन करें, दलों के प्रतिनिधियों ने किसानों से अपील किया है कि धान खरीदी केंद्रों में किसानों की मांगों के समर्थन में तब तक प्रदर्शन करते रहें जब तक केंद्र सरकार किसानों की मांगों को मान नहीं लेती।

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने सामाजिक संगठनों से भी 8 दिसंबर बंद को सहयोग करने की अपील किया है, बैठक में हरियाणा सरकार द्वारा दिल्ली जा रहे पंजाब के किसानों के मार्ग में बाधा खड़ी करने, उनका दमन करने और झूठे मुकदमें दर्ज करने के लिये खट्टर सरकार की कड़ी निंदा की गई, इसके अलावा खालिस्तान, पाकिस्तान, माओवाद जैसे लांछन लगाकर आंदोलन को बदनाम करने की भी कड़ी निंदा की गई,

बैठक में कृषि कानूनों के अलावा 4 श्रम कोड को भी वापस लेने की मांग की गई, आंदोलन के दौरान शहीद होने वाले किसानों को श्रद्धांजली दी गई

बंद के समर्थन में रैली बैठक में 8 दिसंबर को बंद के समर्थन में दुर्ग में रैली निकालने का निर्णय लिया गया है, रैली राजेंद्र पार्क चौक से प्रात: 10 बजे निकाली जायेगी जो नगर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में भ्रमण करते हुए कारोबार बंद करने की अपील करेगी।

बैठक में छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच से एड. राजकुमार गुप्त, पूरनलाल साहू, आप से मेहरबान सिंह, सीपीएम से शांतकुमार, पी वेंकट, सीपीआई माले से बृजेंद्र तिवारी, सीपीआई से विनोद सोनी, मो. इकबाल अंसारी, स्वाभिमान पार्टी से सतीश त्रिपाठी, पिछड़ा समाज पार्टी के गिरधर मढ़रिया, एसयूसीआई कम्युनिस्ट से आत्माराम साहू, छमुमो मजदूर कार्यकर्ता समिति से कलादास डहरिया शामिल थे.

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