एग्रीकल्चरछत्तीसगढ़

कृषि विकास दर 3.88% साबित करता है ,कृषिऔर किसानों में ठहराव की स्थिति – छग.प्रगतिशील किसान संगठन

दुर्ग (खबर वारियर) छत्तीसगढ़ विधानसभा में 9 मार्च को 2022 के लिए पेश किए गए भूपेश सरकार की बजट पर छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के महासचिव झबेंद्र भूषण वैष्णव प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि प्रदेश के बजट में किसानों के लिए नया कुछ नही है , वही पुरानी योजनाओं का बार बार जिक्र किया गया है, जबकि होना तो ये चाहिए था कि, चुनावी घोषणा पत्र में किसानों से किये गये और भी वादों को पुरा करने बजट में प्रावधान करना था ।

3.88% कृषी विकास दर जो कि पूर्व वर्ष के लगभग ही है ,ये साबित करता है कि अभी कृषि क्षेत्र में सरकार को व्यापक कार्य करना होगा। जिसके लिए किसानों को और अधिक सहायता की जरूरत है।

न्याय योजना की राशि को बढ़ाकर 12000/एकड़ किया जाना था। क्योंकि चुनाव के समय‌ ,स्वामिनाथन् रिपोर्ट की अनुसंसा को लागू करने की प्रतिबद्धता घोषणा पत्र में किया गया है।

चना गेहूं की खरीदी, किसान पेंशन, पिछले दो साल का बकाया बोनस ,के लिए भूपेश सरकार के चौथे बजट में भी ,कोई स्थान नही दिखा। कुल मिलाकर किसानों की ठहराव की स्थिति बन रही है।

कृषि आदान वस्तुओं के मूल्यों में बेतहाशा वृद्धि, मजदूरी लागत में वृद्धि किसानों को वहीं पुरानी स्थिति की ओर ले जा रहा है,50दिन के राज्य सरकार के मनरेगा दिवस को सीधा कृषि कार्यों में जोड़कर मनरेगा मजदूरों को 150दिन कार्य देने का वादा भी पूरा किया जा सकता था।

Related Articles

Back to top button