विस्फोटक से डरे गॉव वालो ने न्यायलय में लगाई याचिका, अवैध पत्थर उत्खनन का आरोप

बिलासपुर(ख़बर वारियर)- अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग में खैरखूंडी के पास अवैध पत्थर उत्खनन करने व विस्फोट करने को लेकर ग्रामीणों ने न्याय के लिए हाई कोर्ट की शरण ली है। इस मामले में कोर्ट ने राज्य शासन व मेसर्स बिलासपुर पतरापाली प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
रतनपुर क्षेत्र के ग्राम खैरखूंडी निवासी अजय कुमार भारद्वाज व छह अन्य ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें बताया गया है कि बिलासपुर-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग में निर्माण कार्य चल रहा है। रोड निर्माण के लिए मेसर्स बिलासपुर पतरापाली प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने खैरखूंडी में दो साल के लिए लीज पर निम्न श्रेणी चूना पत्थर तोड़ने की अनुमति ली गई है। लेकिन, इसकी आड़ में डोलोमाइट लगाकर पत्थरों को तोड़ा जा रहा है।
याचिका में कहा गया है कि चूना पत्थर की खुदाई की आड़ में दूसरे किस्म के पत्थरों का उत्खनन हो रहा है और इसके लिए बिना अनुमति के विस्फोट की जा रही है। यहां होने वाले विस्फोट से गांव दहल जाता है। इसके चलते कई ग्रामीणों के मकानों में दरारें आ गई है। वहीं विस्फोट से पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है और मवेशियों को भी नुकसान हो रहा है।
याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया है कि इस मामले की शिकायत खनिज विभाग, जिला प्रशासन व पुलिस के आला अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें कोर्ट की शरण में आना पड़ा है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला दिया गया है। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने राज्य शासन व मेसर्स बिलासपुर पतरापाली प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।



