
रायपुर (खबर वारियर )- मध्य प्रदेश से वर्ष 2000 में अलग होकर एक नया राज्य बना, जिसे आज हम छत्तीसगढ़ के नाम से जानते हैं। धीरे-धीरे इस राज्य की माटी से बहुत से कलाकारों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया। इसी कड़ी में हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसे छत्तीसगढ़ी कलाकर के बारे में, जिनका संगीत का सफर कम उम्र से शुरू हो गया। आज उनके गाए तीन छत्तीसगढ़ी गाने कालरट्यून में सुनने को मिल रहे हैं। विशाल एक उभरता हुआ सितारा है, जिसने छोटी उम्र में ही छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री में अपना नाम बनाया है अपने काम से।
दुर्ग जिले के भिलाई स्थित रिसाली प्रगति नगर में रहने वाले टी. विशाल ने कहा कि मुझे बचपन से ही संगीत के क्षेत्र में काफी लगाव था। जब मैं छह वर्ष का था, तब से ही पिताजी के साथ आर्केस्ट्रा में गाना गाया करता था। आज भिलाई में ‘स्टार नाइट म्यूजिकल्स” के नाम से मेरी खुद की आर्केस्ट्रा टीम है। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री में मुझे बहुत प्यार मिल रहा है। जीओ सावन गानों और संगीत का डिजिटल प्लेटफार्म में भी वैरिफाई आर्टिस्ट का टैग दिया गया है।
मेरा पहला छत्तीसगढ़ी गीत ‘मोहिनी मनरंगी रे” जो कि जी म्यूजिक छत्तीसगढ़ी (मुंबई) से रिलीज हुआ था, बीते वर्ष सुपरहिट साबित हुआ था। इस गीत को आप जीओ सावन और भी अन्य म्यूजिक वेबसाइट पर सुन सकते हैं। इस गीत का कालरट्यून भी इंटरनेट पर उपलब्ध है। खेल खेल में… गीत जी म्यूजिक छत्तीसगढ़ी (मुंबई) से रिलीज हुआ और तोरे संग पिया…गीत डी म्यूजिक छत्तीसगढ़ी से रिलीज हुआ। ये तीनों गाने कालरट्यून में सेट कर सकते हैं। इसके अलावा बन के दुल्हन… छत्तीसगढ़ी गीत भी अमारा म्यूजिक से जल्द ही रिलीज होने वाला है।
बालीवुड में भी मिला मौका
बालीवुड के लिए भी एक पहल शुरू हो गई है। हिंदी देशभक्ति गीत 15 अगस्त को ‘ऐसा देश हो मेरा” रिलीज हुआ। अभी आने वाले समय में एक छत्तीसगढ़ी फिल्म आने वाली है ‘डेंजरस लव” इस फिल्म में बतौर म्यूजिक डायरेक्टर और प्लेबैक सिंगर के रूप में काम करने का मौका मिला। अभी हाल ही में दुर्गा मां का गीत ‘ओ माता रानी” रिलीज हुआ। आने वाले समय में हिंदी एल्बम, छत्तीसगढ़ी फिल्म और मराठी फिल्म में भी बतौर म्यूजिक डायरेक्टर और प्लेबैक सिंगर काम कर रहा है हूं, जो कि टी-सीरीज से आने वाली है।
दूरदर्शन से शुरू हुआ सफर
मैंने दूरदर्शन में भी गीत गाया है। मुझे संगीत की विरासत अपने पिता टी. विष्णु से मिली है। बचपन से ही घर में संगीत का माहौल रहता था। प्लेबैक सिंगर बनने की इच्छा ‘कुमार शानू” के गाने सुनकर हुई। उन्हीं के गाने सुनते हुए बड़ा हुआ। अगर बात मेरे म्यूजिक डायरेक्टर बनने के सफर की हो तो ‘नदीम-श्रवण” से बहुत प्रभावित हुआ।



