किसान आंदोलन: केंद्रीय राज्य मंत्री कैलाश चौधरी को उम्मीद, अगली बैठक में निकलेगा समाधान

दिल्ली(खबर वारियर)- तीन नए कृषि कानून के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन 30वें दिन भी जारी है. हालांकि कई किसान संगठन कृषि कानूनों के समर्थन में भी आए हैं और सरकार से किसी भी दबाव में न आने को लेकर अपील कर रहे हैं. इस बीच केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने उम्मीद जताई है कि किसानों के साथ अगली बैठक में हल निकल सकता है.
इस बीच मीडिया के माध्यम से केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि, ‘मुझे उम्मीद है कि किसानों और सरकार के बीच अगली बैठक में एक समाधान निकाला जाएगा. कई राज्यों के किसान भी नए कृषि कानूनों का समर्थन कर रहे हैं और प्रधानमंत्री को ‘धन्यवाद’ पत्र भेज रहे हैं.’
‘सरकार के साथ बातचीत करें किसान’
इससे पहले केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को पंजाब के किसानों से प्रदर्शन समाप्त करके सरकार के साथ बातचीत करने को कहा ताकि तीन नए कृषि कानूनों को लेकर गतिरोध का हल निकाला जा सके. किसानों के 40 संघों के साथ बातचीत की अगुवाई कर रहे तोमर ने उम्मीद जताई कि किसान इन तीनों कानूनों के महत्व को समझेंगे और इस गतिरोध को समाप्त करने की खातिर समाधान निकलाने के लिए सरकार के साथ बातचीत करेंगे.
‘किसानों के मन में कुछ गलत धारणा’
कृषि मंत्री ने कहा कि पंजाब के किसानों के मन में कुछ गलत धारणा है. नए कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर विभिन्न राज्यों के हजारों किसान और उनके परिजन करीब एक महीने से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं. अभी तक केंद्र और 40 किसान संघों के बीच पांच दौर की औपचारिक वार्ता बेनतीजा रही है.
‘किसानों की आशंका गलत’
सरकार ने किसानों को दो बार पत्र लिखकर अगले दौर की बातचीत उनके हिसाब से तय तारीख पर करने के लिए न्योता भेजा है. किसान संगठनों के साथ बातचीत में तोमर के साथ केंद्रीय खाद्य, वाणिज्य और रेल मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य राज्य मंत्री सोम प्रकाश भाग ले रहे हैं. आंदोलनकारी किसान समूहों का कहना है कि नए कानूनों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का सुरक्षा तंत्र समाप्त हो जाएगा, मंडी व्यवस्था समाप्त हो जाएगी और वे बड़े कॉर्पोरेटों की दया पर निर्भर हो जाएंगे. सरकार कह रही है कि उनकी आशंका गलत है.



