भिलाई स्टील प्लांट में टेंडर के नाम पर बंदरबांट और भ्रष्टाचार का खेल जारी

इस्पात मंत्री व सेल चेयरमैन को लिखित शिकायत कर उठाई जांच की मांग
भिलाई(खबर वारियर)भिलाई स्टील प्लांट के वर्क्स एरिया में टेंडर के नाम पर अफसर बंदरबांट और भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। अपने चहेतों को टेंडर देने के नाम पर अफसर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। आचार्य नरेंद्र देव स्मृति जन अधिकार अभियान समिति ने इस मामले की शिकायत इस्पात मंत्री और सेल चेयरमैन से की है।
समिति के संयोजक आर पी शर्मा ने अपने पत्र में कहा है कि आज भिलाई स्टील प्लांट में टेंडर की बंदरबांट में जीएम स्तर के अधिकारी खुल कर लिप्त हैं।
निविदा पद्धति में अनियमितता निरंतर जारी है। निविदा प्रक्रिया में शामिल होने वाले ठेकेदार माफिया की तरह प्लांट में निविदा झटक रहे हैं और अधिकारी वर्ग भी योजनाबद्ध तरीके से कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर टेंडर जारी करने में लिप्त है। जिसमें बहुत से मामलों में ऊंची दर पर भी टेंडर दिया गया है।
इन ठेकेदारों को भिलाई स्टील प्लांट जानता भी है और उनकी राजनीतिक पहुंच के चलते, मैनेजमेंट उस पर कार्रवाई करना नहीं चाहता है। इसी संदर्भ में टेंडर NIT No: GM (CC-W)/WRM-Operation/EP-2020300225/OT/Date:23-06-20 का उल्लेख है, जो 29.94 लाख का है।
इस मामले में यह प्रतीत हो रहा कि भिलाई स्टील प्लांट की ऐसी हालत हो गई है कि बड़े अधिकारी के आदेश को नीचे स्तर के अधिकारी मानने तैयार नहीं है।
इस संदर्भ में ज्ञात हुआ है कि वायर रॉड मिल के जीएम ने अपने चहेते ठेकेदार को टेंडर देने के लिए नियमों का उल्लंघन करते हुए टेंडर स्वीकृत करने का इरादा बना लिया है, जबकि इसमें हिस्सा लेने वाली अन्य पार्टी भी सारे नियमों के अनुरूप अपने दस्तावेज जमा कर चुके हैं। इसके बावजूद पात्र टेकेदारों को टेंडर न देकर अपने चहेते ठेकेदार को दे रहे हैं।
नियमत: इस परिस्थिति में उच्चाधिकारी को चाहिए कि वो टेंडर को निरस्त कर दे और रि-टेंडर की प्रक्रिया शुरू करें। जिससे निष्पक्ष ढंग से टेंडर प्रक्रिया का संचालन हो सके।
सवाल यह उठ रहा है कि जिस तरह से भ्रष्टाचार हो रहा है, ऐसे में भिलाई स्टील प्लांट का उच्च प्रबंधन कार्रवाई करने से क्यों बच रहा है। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीरो टालरेंस की बात करते हैं और उन्हीं के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र में सेल के भिलाई स्टील प्लांट में अखंड भ्रष्टाचार और माफियाओं का राज है। आर पी शर्मा ने इस पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।



