लेटर बम के बाद कांग्रेस में उथल-पुथल,मोतीलाल वोरा सहित इन वरिष्ठ नेताओं को किया गया महासचिव पद की जिम्मेदारी से मुक्त

दिल्ली(खबर वारियर)कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को पार्टी संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए मोतीलाल वोरा सहित चार वरिष्ठ नेताओं को महासचिव की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया और पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) का भी पुनर्गठन किया।

पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी बयान व सूची के मुताबिक,मोतीलाल वोरा, गुलाम नबी आजाद,अंबिका सोनी और मल्लिकार्जुन खड़गे को महासचिव पद से मुक्त किया गया है।

गुलाम नबी आज़ाद कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य बने रहेंगे, जो कि पार्टी के शीर्ष निर्णय लेने वाला पैनल है। असंतुष्ट नेताओं के समूह के एक अन्य सदस्य जितिन प्रसाद को परमानेंट इनवाइटी बनाया गया है. जितिन प्रसाद को भी महासचिव के रूप में भी नामित किया गया है, लेकिन उन्हें उत्तर प्रदेश से बंगाल स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां अगले साल चुनाव होने हैं. प्रियंका गांधी वाड्रा यूपी की प्रभारी महासचिव हैं.

कांग्रेस पार्टी में ये बड़ा फेरबदल उस घटना के एक महीने बाद हुआ है जब पार्टी के 23 वरिष्ठ सदस्यों ने बागी तेवर दिखते हुए कांग्रेस की आंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी के आंतरिक चुनाव करवाने और पूर्णकालिक पारदर्शी नेतृत्व की मांग की थी. आज हुए बदलावों में मुकुल वासनिक जो कि 23 पत्र-लेखकों में से एक थे, उन्हें कांग्रेस ने मध्य प्रदेश का प्रभारी महासचिव बनाया है।

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