छत्तीसगढ़

अफसरशाही के कारण जलसंसाधन विभाग के अल्पवेतनभोगी कर्मचारी दीवाली पूर्व वेतन से वंचित,कार्यालय का किया धेराव

राजधानी(ख़बर वारियर)- छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर में जल संसाधन विभाग में व्याप्त अफसरशाही के फलस्वरूप दो दर्जन से अधिक अल्प वेतनभोगी वाहन चालक, कम्प्यूटर आपरेटर कर्मचारियों को दिपावली पूर्व वेतन का भुगतान नहीं होने से नाराज कर्मचारियों ने छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संध के आव्हान पर मुख्य अभियंता कार्यालय का 6 अक्टूबर शुक्रवार को दोपहर धेराव किया। अंततोगत्वा इस माह का वेतन भुगतान करने के आश्वासन के बाद धेराव समाप्त किया गया।

संध के प्रदेशाध्यक्ष विजय कुमार झा एवं जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खाॅन ने बताया है कि विभाग में कार्यरत् कर्मचारियों के वेतन भुगतान हेतु उच्च कार्यालय से विधिवत् आबंटन प्राप्त हो जाने के बाद भी मुख्य अभियंता द्वारा उपस्थिति प्रतिवेदन न भेजने के कारण वेतन देयक तैयार नहीं किया गया है। मुख्य अभियंता महानदी परियोजना के व्यवहार से अधिनस्थ कर्मचारी परेशान है। उनके द्वारा जानबूझ कर झूठी रिपोर्ट प्रेषित् कर न केवल कर्मचारियों को परेशान किया है, अपितु उच्च अधिकारियों को भी दिग्भ्रमित किया है। वे जब प्रमुख अभियंता कार्यालय सिहावा भवन, सिविल लाइन में पदस्थ थे तब उनके विरोध में कर्मचारी संगठन को विरोध प्रदर्शन करना पड़ा था।

दिपावली त्योहार को दृष्टिगत् रखते हुए इस माह के वेतन भुगतान के आश्वासन पर संध ने प्रदर्शन वापस लिया भविष्य में यदि निरंतर वेतन भुगतान नहीं किया गया अथवा कर्मचारी विरोधी कोई कृत्य किया गया तो बिना किसी सूचना के 03 दिवस कार्यालय में पेड डाउन हड़ताल करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। प्रदर्शन का नेतृत्व संध के प्रांताध्यक्ष विजय कुमार झा, जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खाॅन कार्यकारी प्रांताध्यक्ष अजय तिवारी, उमेश मुदलियार महामंत्री, प्रांतीय सचिव अमर मुदलियार, नरेश वाढ़ेर, इकबाल शरीफ, प्रमोद पाण्डेय, रतन सिंह कश्यप, विश्वजीत मल्लिक, सलीक रजा, नोहर सिंह वर्मा, स्पर्श जार्ज, मुनना लाल चेलक आदि कर्मचारी नेताओं ने किया।

कर्मचारी नेताओं ने आरोप

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बधेल की स्पष्ट मंशा है कि करोना काल में न किसी अधिकारी कर्मचारी का वेतन रोका जावेगा और न ही सेवा समाप्त किया जावेगा। किंतु जल जलसंसाधन विभाग में मुख्यमंत्री की भावना के विपरित स्वेच्छाचारिता का परिचय देकर अफसरशाही प्रदर्शित किया जा रहा है।

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