दुकान के प्रत्येक स्टाफ के कोरोना टेस्ट के फरमान को प्रदेश चेंबरऑफ़ काॅमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन ने बताया अव्यवहारिक, दिया यह तर्क

रायपुर(ख़बर वारियर)- प्रदेश चेंबर ऑफ़ काॅमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद चोपकर एवं महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक दुकान के प्रत्येक स्टाफ का कोविड टेस्ट अनिवार्य रूप से कराये जाने के फरमान का विरोध करते हुए कहा, कि इस फैसले से दीपावली त्योहार में व्यापारियों को सरकारी प्रताड़ना का शिकार होना पड़ेगा और व्यापार प्रभावित होगा ।

उन्होने कहा, कि प्रदेश के मुखिया श्री भूपेश बघेल जी व्यापार उद्योग जगत की हर समस्या का निराकरण कर रहे हैं दूसरी ओर अधिकारी भय का वातावरण पैदा कर रहे हैं । कोरोना संक्रमण के लिए हमेशा व्यापारियों को जिम्मेदार ठहराने वाले अफसरों का निर्णय पूर्णतः अव्यवहारिक और बेतुका है । जिसे कोरोना के लक्षण हैं, वह स्वतः ही चेक-अप कराता है, उसे अपनी, अपने परिवार और अपने निकट संबंधियों की चिंता होती है, व्यापारी गैर-जिम्मेदार व्यक्ति नहीं है ।

उन्होने कहा, कि कोरोना यदि दुकानों से ही फैल रहा है, तो जो कभी किसी दुकान में नहीं जाते, ऐसे राजनेताओं, अफसरों और विशिष्टजनों को कोरोना क्यों हो रहा है, क्या अफसरों ने शराब दुकानों के कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट आज तक करवाया है ? कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए शासन के साथ व्यापारियों ने मार्च से लेकर आज तक जो सहयोग किया है, वह अतुलनीय है । कोविड फ्री दुकान के नाम पर कार्रवाई का डर दिखाया जाएगा इससे व्यापारियों में भय और आक्रोश पैदा होगा अतः इस निर्णय को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए.