इन बड़े बैंकों ने जमकर बांटा लोन, गूगल पे और फोन पे का भी हुआ खूब इस्तेमाल

टेक्नोलॉजी(खबर वारियर)- साल 2020 एक ऐसा साल रहा जिसमें सभी को काफी ज्यादा नुकसान हुआ. महामारी के दौरान हर कोई अपने- अपने घरों में बंद था. न तो कोई पेपर वर्क हो रहा था और न ही कोई दूसरा काम. लेकिन जैसी ही लॉकडाउन को खत्म किया गया सबकुछ धीरे -धीरे वापस अपनी ट्रैक पर आने लगा. ऐसे में सबकुछ खुलते ही लोगों ने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करना शुरू कर दिया. यूजर्स ने फोन पे और गूगल पे का रिकॉर्ड इस्तेमाल किया तो वहीं जिन लोगों को लोन की जरूरत थी उनको SBI और HDFC के टॉप बैंक्स ने लोन दिया.

दोनों बैंकों के रिटेल लोन डिसबर्सल की अगर बात करें तो ये आंकड़ा काफी ज्यादा है. ऐसे में बैंकों ने इस दौरान जमकर लोन बांटा. HDFC को लॉकडाउन के बाद रिटेल लोन डिसबर्सल में 40 से 60 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली. 6 क्वार्टर के बाद बिजनेस की वापसी हुई जहां व्हीकल लोन दोगुना देखने को मिला. HDFC के दो सबसे बड़े लोन बुक कॉन्ट्रिब्यूटर्स की अगर बात करें तो इसमें बिजनेस लोन, ऑटोमोटिव सेक्टर का आंकड़ा 35 प्रतिशत का था. वहीं पर्सनल लोन और बिजनेस लोन का आंकड़ा 23 और 13.09 प्रतिशत का रहा.

SBI भी रहा आगे

वहीं अगर SBI की बात करें तो सितंबर के महीने में कंपनी को साल दर साल 51.8 प्रतिशत का नेट प्रोफिट मिला है. ये सबकुछ लोन लॉस प्रोविजन की वजह से हो पाया है. एसबीआई के डोमेस्टिक लोन में जहां 6.9 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली तो वहीं रिटेल लोन में ये आंकड़ा 14.5 प्रतिशत का रहा.

गूगल पे और फोन पे ने बनाए नए रिकॉर्ड

गूगल पे नवंबर के महीने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले UPI ऐप्लिकेशन बना जहां लोगों ने इस प्लेटफॉर्म पर कुल 1.61 लाख करोड़ का ट्रांजैक्शन किया. इस दौरान कंपनी का मार्केट शेयर 43 प्रतिशत का था. लिस्ट में अगल नंबर फोन पे का था जिसने 868 मिलियन का ट्रांजैक्शन दर्ज किया ये आंकड़ा 1.75 करोड़ का है.

नेशनेल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया पर इन दोनों ऐप्लिकेशन्स ने कुल ट्रांजैक्शन का 82 प्रतिशत आंकड़ा दर्ज किया. इसके बाद लिस्ट में पेटीएम, अमेजन पे का नंबर आता है जिन्होंने 260 मिलियन और 37 मिलियन का आंकड़ा दर्ज किया. वहीं कुछ दिन पहले ही लॉन्च हुआ व्हॉट्सऐप पे ने सिर्फ 0.31 मिलियन का ट्रांजैक्शन पूरा किया जिसकी कीमत 13 करोड़ है. वहीं कुल आंकड़े की बात करें तो ये 2.2 बिलियन ट्रांजैक्शन था जिसकी कीमत 3.9 लाख करोड़ रुपये थी. यानी की नवंबर के महीने में लोगों ने कुल इतनी कीमत का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन किया.