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पीएम कुसुम योजना के पूरी तरह से लागू होने के बाद किसानों को होगा ये बड़ा फायदा

नेशनल(खबर वारियर)- 2020 के यूनियन बजट के तहत किसानों के लिए पीएम कुसुम योजना की शुरुआत की गई. इस योजना के तहत 20 लाख किसानों को सोलर पंप लगाने की मदद दी जाएगी. इस बजट को पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा था कि 15 लाख किसानों को ग्रिड से जुड़े पंप लगाने के लिए पैसा महुैया कराया जाएगा.

कुसुम योजना से सरकार का उद्देश्य-इस योजना के तहत सरकार उद्देश्य है कि देशभर में सिंचाई में काम आने वाले सभी डीजल या बिजली के पंप को सोलर ऊर्जा से चलाया जा सके, जिससे किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी हो. फिलहाल इस योजना को पूरी तरह लागू करने में बहुत सी चुनौतियां आ रही हैं. जानकारों का मानना है कि इस योजना के पूरे तरह से लागू होने के बाद किसानों को काफी फायदा मिलेगा.

पीएम कुसुम (किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) योजना का ऐलान 2018-19  में करने का था. लेकिन इसकी मंजूरी 2019 मिली. जिसके चलते 2020 के यूनियन बजट में वित्त मंत्री ने इस योजना का ऐलान किया. ये योजना बिजली संकट से जूझ रहे इलाकों को ध्यान में जहां रखकर बनाई गई थी. पीएम कुसुम योजना की शुरुआत  फरवरी 2019 में की गई थी. जिसके लिए 34,422 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था.

सरकार के बजट के हिसाब से कुसुम योजना पर 1.40 लाख करोड़ रुपये की लागत आएगी.  जहां इस योजना पर आने वाले कुल खर्च में सरकार 48 हजार रुपये का योगदान करेगी. और इतनी ही धन राशी राज्य सरकारों को दी जाएगी. इस योजना के तहत किसानों को सोलर पंप की कुल लागत का 10 फीसदी खर्च उठाना होगा.

किसानों का उठाना होगा 10 फीसदी खर्चा

सरकार द्वारा निर्धारित बजट के हिसाब से कुसुम योजना पर कुल 1.40 लाख करोड़ रुपये की लागत आएगी. कुसुम योजना पर आने वाले कुल खर्च में से केंद्र सरकार 48 हजार करोड़ रुपये का योगदान करेगी, जबकि इतनी ही राशि राज्य सरकार देगी. किसानों को कुसुम योजना के तहत सोलर पंप की कुल लागत का सिर्फ 10 फीसदी खर्च ही उठाना है.पहले चरण में डीजल पंपों को बदलना है. जिन इलाके में बिजली ग्रिड नहीं है वहां कुसुम योजना के तहत किसानों को 17.5 लाख सौर पंप सेट दिए जाएंगे. इसके अलावा जिन जगहों पर बिजली ग्रिड है, वहां किसानों को 10 लाख पंप सेट दिए जाएंगे.

किसानों को क्या फायदा

1.) कुसुम योजना से किसानों के बड़े फायदे की बात की जा रही है. जहां उन्हें सिंचाई के लिए मुफ्त में बिजली मिलेगी. जहां वे केरोसिन तेल और डीजल पर कम निर्भर रहेंगे.

2.) किसान पैदा होने वाली बिजली किसी और कंपनी में बेच भी सकेंगे. जिससे इनकी आमदनी  में इजाफा होगा.

इस समय आ रहीं ये दिक्कत

1.) फिलहाल इस योजना के जानकारी मजदूरों को नहीं है इस वजह से किसान सरकारी दफ्तर नहीं पहुंच पा रहे हैं. वहीं अभी तक जितने लोगों को सोलर पंप देने का लक्ष्य तय किया था वो भी पूरा नहीं हो पाया है.

2.) किसानों कुसुम योजना के लिए कोई खास ट्रेंनिग भी नहीं मिल पा रही है. जहां ये बताया जा सके कि इसे रखना कैसे है. और कैसे इससे आमदनी में भी इजाफा कर सकते हैं.

3.) कुसुम योजना में राज्य और केंद्र दोनों सरकारों को योगदान देना है लेकिन केंद्र और राज्य में नीति अंतर होने व्यावहारिक दिक्कते हो रही है.

4.) ग्राउंडवाटर के इस्तेमाल को लेकर सख्त प्रावधान हैं. ऐसे में अगर किसान अधिक बिजली पैदा कर उसे बेचना चाहता हे तो उसे ग्राउंडवाटर का अधिक इस्तेमाल करना होगा.

ऐसे कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन

पीएम कुसुम योजना के तहत आवेदन के लिए सरकारी वेबसाइट https://mnre.gov.in/ पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा. जहां आपको आधार कार्ड, प्रॉपर्टी के दस्तावेज और बैंक खाते की जानकारी देनी होगी.

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