छत्तीसगढ़

कृषि बिल के विरोध में रमन सिंह का घेराव करने जा रहे किसानों को पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोका

रायपुर(खबर वारियर)- केंद्र की मोदी सरकार के द्वारा लाई गई दमनकारी तीनों नई कृषि ( कारपोरेट) बिल के विरोध में दिल्ली के बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में धमतरी जिला व प्रदेश के सैकड़ों किसान भाजपा के राष्ट्रीय बूढ़ा तालाब पहुंच कर रैली के रूप में रमन सिंह का घेराव करने निकले । जिन्हें रायपुर पुलिस के द्वारा बीच रास्ते पर ही रोक दिया गया ।  केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये तीनों कानूनों को काला कानून व कारपोरेट हितैषी तथा कृषि, किसान और उपभोक्ता विरोधी मानते हुए ।  देश के 500 किसान संगठनों के समन्वय से बनी अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति एवम संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर देश के किसान इन कानूनों की वापसी की मांग को लेकर लगातार आंदोलनरत है ।

इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में किसानों, मजदूरों व प्रगतिशील सामाजिक संगठन जैसे 36 संगठनों के समन्वय से बनी छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ, राष्ट्रीय मतदाता जागृति मंच, राष्ट्रीय किसान मोर्चा के नेतृत्व में आज भाजपा के नेताओं द्वारा लगातार गैर-जिम्मेदाराना व अपमान जनक टिप्पणियों के खिलाफ चेतावनी देने व किसानों को काले कानूनों के पक्ष में गुमराह किये जाने के विरोध भाजपा के  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह से मिलकर अपना पक्ष रखने धमतरी जिला से चलकर निकले थे । लेकिन किसानों को सप्रे स्कूल के निकट ही रोक दिया गया । इस दौरान किसानों की पुलिस के साथ जमकर झूमा झटकी  हुई ।

आक्रोशित किसानों ने जमकर हंगामा किया जहां किसान विरोधी नरेंद्र मोदी, मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी, खेती बचाओ मोदी भगाओ जैसे नारा लगाते हुए कृषि बिल को देश विरोधी कानून बताते हुए मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार देश विरोधी कानून लाकर किसानों को बर्बाद करने की कुत्सित चाल चल रही है जो कभी सफल नहीं हो सकती । सड़क पर करीब एक घण्टे की झूमा झटकी के बाद किसानों ने काले कानून की वापसी की मांग को लेकर एसडीएम रायपुर को राष्ट्रपति के नाम से ज्ञापन सौंपा ।

इसके पूर्व धरना स्थल पर किसानों की सभा हुई जिसमें वरिष्ठ किसान नेता पूर्व विधाय जनक लाल ठाकुर ने आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा सरकार के कानून के काले कानून पर रोक लगाने का स्वागत करते हुए कहा कि किसानों की यह आंशिक जीत है असल लड़ाई तो तब सफल मानी जाएगी जब यह कानून केंद्र सरकार के द्वारा वापस ले लिया जाए।  जब तक कानून वापस नहीं तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा यह संकल्प आज रायपुर के बूढ़ा तालाब से निकलकर सिंघु बॉर्डर नई दिल्ली तक एक स्वर में गूंजता रहा ।

किसान मजदूर महासंघ के संयोजक मंडल सदस्य व धमतरी के अधिवक्ता शत्रुघन साहू ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर किसानों के अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा के नेता किसानों का सम्मान करना नहीं जानते तो कमय से कम अपनी जमीन की लड़ाई लड़ रहे किसानों को आतंकवादी खालिस्तानी बोल कर अपमानित तो ना करें । शत्रुघ्न साहू ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को आगाह किया कि वे किसानों के साथ सम्मान पूर्वक पेश आएं नहीं तो धरती  पुत्र भाजपा के नेताओं को ठिकाने लगा देगा।

राष्ट्रीय मतदाता जागृति मंच से संजय चंद्राकर, राष्ट्रीय किसान मोर्चा से टिकेश्वर साहू, भुनेश्वर साहू एवं दिग्विजय ने कहा की संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वाधान में सैकड़ों किसान लगातार भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से कृषि बिल के लाभ पूछने उनके निवास स्थान पहुंच रहे हैं किंतु भारतीय जनता पार्टी के नेता मुंह छुपा चर्चा से घबराकर हर बार गायब हो जाते हैं और पीठ पीछे गलत बयान बाजी कर इस षड्यंत्रकारी कृषि बिल के बारे में अपने लोगों को लगातार गुमराह कर रहे हैं जिसका संयुक्त किसान मोर्चा घोर निंदा करता है ।

किसान मोर्चा के मनोज भतपहरी यूगल किशोर मूलचंद निशांत भट्ट कृष्णकांत सतवंत महीलांग राकेश साहू रामा ने संयुक्त रुप से कहा किय दिल्ली की मोदी सरकार किसान विरोधी काले कानून लाकर खेती किसानी को बर्बाद कर किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम बनाने का षड्यंत्र कर रहे हैं जब अन्नदाता ही नहीं रहेगा तो देश भी नहीं बचेगा इसलिए किसानों के सम्मान में इस कानून को वापस लिया जाना चाहिए । किसान मोर्चा के भिखारी राम साहू धनंजय साहू अजर सिन्हा ने कहा कि यदि बिल वापिस नहीं हुआ तो किसान बर्बाद हो जाएगा यह कानून केवल और केवल पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाया गया है इसलिए देश हित में इस कानून को वापस लिया जाए ।

राष्ट्रीय मतदाता मंच के सुनील चन्द्राकर ने भाजपा सांसद संतोष पांडे द्वारा किसानों को खालिस्तानी, आतंकवादी कहे जाने की कड़ी भर्त्सना करते हुए किसानों से अपने उक्त बयान पर माफी मांगने की मांग की अन्यथा भाजपा नेताओं का बहिष्कार करने की घोषणा की ।

धमतरी जिले से आए अनेक किसान नेताओं ने आज अपने विचार व्यक्त करते हुए यह संकल्प फिर से दोहराया की किसान आंदोलन अब तभी वापस होगा जब केंद्र सरकार यह तीनों कानून को रद्द घोषित करेगी ।

सभा को छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के रूपन चंद्राकर, पारसनाथ साहु, जागेश्वर जुगनू चंद्राकर, डॉ संकेत ठाकुर,  पूर्व विधायक वीरेंद्र पांडे, द्वारिका साहू, गोविंद चन्द्राकर, आदि ने किसानों को संबोधित किया ।

किसान नेताओं ने  किसानों के जज्बे को सलाम करते हुए कहा छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ का अगला जत्था बहुत ही जल्दी नई दिल्ली रवाना होगा और उसके लिए तैयारी पूरी तरह से चल रही है ।

आज के प्रदर्शनकारियों में मुख्य रूप से भुनेश्वर साहू, मनोज भातपहरी, युगल किशोर साहू, दिग्विजय सिंह, धनंजय, बीआर साहू, उत्तम साहू, संतराम, मूलचंद निशांत भट्ट सतवंत महिलांग कृष्णकांत तारेंद्र साहू तरुण साहू डोमार साहू जोहत राम राधेलाल चमन साहू चंद्रभान ममता तिवारी सत्यम पुरी गोस्वामी राजाराम मीन पाल तेजेश्वर साहू सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे ।

आगामी 23 जनवरी को राज्यपाल से मिलने के लिए एक प्रदेश व्यापी मार्च महासंघ के द्वारा आयोजित किया जाएगा ।

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