छत्तीसगढ़

राजनांदगांव जिले में 158 लोगों में मिले टीबी के लक्षण, जांच जारी

रायपुर(खबर वारियर)- टीबी (क्षय) मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए जिले में 11 जनवरी से टीवी हारेगा-देश जीतेगा टीबी रोगी सघन खोज अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 15 फरवरी तक चलाया जाएगा। अब तक 158 लोगों में टीबी की पहचान की जा चुकी है। उनका इलाज जारी है। अभियान के तहत गांव-गांव में सर्वे कर टीबी के पूर्व रोगी तथा टीबी के लक्षणों वाले रोगियों को चिह्नित किया जा रहा है।

इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों से यह अपील कर रही है कि इस रोग को छिपाएं नहीं, बल्कि इलाज कराएं। इलाज कराने से टीबी की बीमारी पूरी तरह से ठीक हो सकती है। टीबी रोगी सघन खोज अभियान के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया कि जिले में 11 जनवरी से शुरू किया गया ‘टीवी हारेगा- देश जीतेगा टीबी रोगी सघन खोज अभियान’ 15 फरवरी तक चलाया जाएगा। इस दौरान अब तक जोखिम समूह 19 से 4,807 लोगों का साक्षात्कार किया जा चुका है और इनमें से 158 लोगों को टीबी के संभावित मरीज के रूप में चिह्नित किया गया है।

तीन वर्ष चलेगा अभियान

संभावित मरीजों की जांच की जा रही है। राज्य सरकार का छत्तीसगढ़ को साल 2023 तक टीबी मुक्त बनाने का संकल्प है और इसीलिए टीबी रोग की रोकथाम के विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। टीबी रोगी सघन खोज अभियान में टीबी के लक्षण मिलने पर उसके बलगम के साथ-साथ कोरोना की भी जांच की जा रही है। साथ ही टीबी रोग पर नियंत्रण करने के लिए लोगों को सावधानियां बताते हुए जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।

इससे पहले राज्य क्षय अधिकारी द्वारा वीडियो कान्फ्रेंस में टीबी रोगी खोज अभियान के संबंध में कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिसके तहत टीबी रोगियों को चिन्हित करने के लिए शहरी क्षेत्रों में उच्च जोखिम क्षेत्र में कच्ची बस्ती, जिला कारागृह, वृद्धा आश्रम, निर्माणाधीन क्षेत्र के श्रमिक, रैन बसेरा, छात्रावास, अनाथ आश्रम और ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च जोखिम क्षेत्र खदान, क्रशर, घनी आबादी, दूर-दराज के क्षेत्र, टीबी के पूर्व रोगी एवं कुपोषित क्षेत्र में घर-घर सर्वे किया जा रहा है।

टीम के लिए माइक्रो प्लानिंग कर ब्लॉक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, गांव, पारा, जनसंख्या, टार्गेट एरिया, टार्गेटेड जनसंख्या तथा टीम की मेंबर के नाम की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

कार्ययोजना तैयार कर अभियान

डीटीओ डॉ. अल्पना लुनिया ने बताया, टीबी रोगी खोज अभियान में बीमारी की रोकथाम के उद्देश्य से लोगों में जागरुकता लाने के लिए भी विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। इस अभियान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, आरएमए एवं राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) कर्मचारी की भी ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने बताया, कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा तथा सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी के मार्गदर्शन व दिशा-निर्देशन में टीबी रोगी खोज अभियान संपूर्ण जिले में चलाने के लिए कार्ययोजना तैयार कर शत-प्रतिशत क्षय रोगियों की खोज करने का प्रयास किया जा रहा है।

नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा जा रहा

टीबी के संभावित मरीज पाए जाने पर निश्शुल्क एक्स-रे जांच, सैंपल कलेक्शन एवं ट्रांसपोर्टेशन मेकेनिज्म का उपयोग करते हुए स्पूटम परीक्षण एवं सीबी नॉट जांच करवाई जाएगी। उन्होंने बताया, जिले के प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर एक एनटीईपी कर्मचारी एवं एक स्वास्थ्य सुपरवाइजर अभियान पर्यवेक्षक के रूप में निगरानी कर रहे हैं।

अभियान के दौरान संभावित टीबी मरीज का स्पॉट सेंपल लेकर डीएमसी उसी दिन भिजवाने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा सुबह के खखार के लिए टीबी के संभावित मरीज को स्पूटम कंटेनर एवं रेफरल स्लिप देकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा जा रहा है। इस अभियान में सभी निजी चिकित्सकों, नर्सिंग होम संचालकों तथा प्रयोगशालाओं में क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम से जुड़े कर्मचारी संपर्क करने के साथ-साथ क्षय रोगों के बारे में जानकारी हासिल कर रहे हैं।

आंकड़ों में अभियान

158 रोगियों की पहचान

4,807 लोगों का साक्षात्कार

15 फरवरी तक चलेगा अभियान

2023 तक टीबी मुक्त का संकल्प

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