सांसद संतोष पांडेय ने हाऊसिंग बोर्ड कर्मचारी संघ के अध्यक्ष पर दर्ज एफआईआर को लेकर विभागीय मंत्री व कमिश्नर को घेरा,उठाए ये सवाल

रायपुर (खबर वारियर) भाजपा सांसद संतोष पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिकरी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजेश नायर के खिलाफ दर्ज एफआईआर को झूठी व सजिश करार देते हुए पूरे मामले पर चिंता जताई है।उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार कर्मचारियों की आवाज उठाने वाले यूनियन अध्यक्षों को पुलिस का भय दिखाकर परेशान कर रही है, जिसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है।
उन्होंने शुक्रवार को एक बयान जारी कर आरोप लगाया कि हाऊसिंग बोर्ड के संपदा अधिकारी एमए शेख ने 4 फरवरी को यूनियन अध्यक्ष व हाऊसिंग बोर्ड के जनसंपर्क अधिकारी राजेश नायर पर प्रमोशन के नाम पर 10 लाख रुपए की मांग और मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है।
सांसद पांडेय का सवाल
यहां सवाल ये उठता है कि आखिर बिना विभागीय मंत्री और बोर्ड कमिश्नर के कोई यूनियन अध्यक्ष किसी का कैसे प्रमोशन करा सकता है?
क्या हाऊसिंग बोर्ड में कमिश्नर की शह पर प्रमोशन के नाम पर वसूली का कोई रैकेट चल रहा है?
पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस सरकार आने के बाद हाऊसिंग बोर्ड में हिन्दू कर्मचारियों को प्रताड़ित और परेशान किया जा रहा है. उन्होंने विभागीय मंत्री मोहम्मद अकबर पर भी आरोप लगाया कि ऐसे कामों को उनका शह मिल रहा है,तभी रात ढाई बजे पुलिस प्रशासन के अधिकारी किसी को भी घर से उठाकर एफआईआर काटकर जेल भेजने जैसे काम कर रहे है।
सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि संपदा अधिकारी शेख द्वारा लगाए गए सभी आरोप फर्जी है, इसकी जांच की जानी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
उन्होंने कहा कि यदि संपदा अधिकारी प्रमोशन के नाम पर पैसे की मांग का आरोप लगा रहे है, तो इसमें विभागीय मंत्री और हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर की भी मिलीभगत है, क्योंकि बिना इन दोनों के शह से कोई भी यूनियन का अध्यक्ष ऐसा कृत्य नहीं कर सकता है. इसलिए इस मामले में संपदा अधिकारी शेख के आरोपों की उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।



