छत्तीसगढ़

अंततोगत्वा उच्च न्यायालय ने चुनाव में कार्य कर चुके कर्मचारियों की नियुक्ति संबंधी याचिका पर 4 माह में निर्णय लेने किया आदेशित

(रायपुर सहित बेमेतरा, बालोद, दुर्ग, राजनांदगांव के याचिकाकर्ताओं की याचिका पर अंतिम निर्णय)

रायपुर(khabar warrior)- छत्तीसगढ़ शासन विधि एवं विधायी विभाग तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ के अधीन समय-समय पर लोकसभा एवं विधानसभा निर्वाचन के अतिरिक्त कार्य हेतु नियुक्त अस्थाई डाटा एट्री आपरेटर, सहायक ग्रेड-3 एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर विधिवत् होकर चुनाव कार्य संपादित कराने वाले कर्मचारियों को निर्वाचन आयोग एवं उसके अधीन जिला निर्वाचन अधिकारियों को स्वीकृत पदों पर प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति प्रदान करने हेतु प्रस्तुत विभिन्न याचिकाओं पर 17 फरवरी 2021 को अंतिम रूप से विनिश्यन करते हुए प्रतिवादी मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन, प्रमुख सचिव विधि एवं विधायी विभाग मंत्रालय, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एवं संबंधित जिले के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को शासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों, उच्च न्यायालय के निर्णयों व पूर्व में किए गए नियुक्तियों की भाॅति इनके प्रकरण का निराकरण 04 माह के समय सीमा में याचिकाकर्ताओं से प्राप्त अभ्यावेदनों पर निर्णय करने संबंधी आदेश पारित किया गया है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संध के प्रांतीय प्रवक्ता विजय कुमार झा एवं जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खाॅन ने बताया है कि संबंध द्वारा वर्ष 2012-13 से निरंतर निर्वाचन कार्य कर चुके कर्मचारियों को अविभाजित मध्यप्रदेश व नवगठित छत्तीसगढ़ में नियमित पदों पर प्राथमिकता के आधार पर नियुक्त करने हेतु संधर्ष किया जा रहा था। प्रदेश के रायपुर, बेमेतरा, बालोद, दुर्ग जिलों में जारी विज्ञापनों में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित अंतरित आदेश के परिपालन में उम्मीदवारी प्रस्तुत करने पर भी प्राथमिकता न देकर नियुक्ति से वंचित किए जाने के विरूद्व उच्च न्यायालय में याचिकाएं प्रस्तुत की गई थीं।

माननीय उच्च न्यायालय ने बेमेतरा जिले के चुनाव कर्मियों कु. शिल्पा ठाकुर, कु. संध्या शर्मा, समारू साहू, दिनेश कुमार लहरे, जय प्रकाश साहू, अमित कुमार नट, रामगोपाल साहू, मेहतरू राम निषाद्, प्रकाश नारायण साहू द्वारा प्रस्तुत याचिका क्रमांक 2962/2014, बालोद जिले के चन्द्रशेखर सिन्हा, कु. शतिमा खरे, कु. रागनी तिवारी, कु. केशरी द्वारा प्रस्तुत याचिका क्रमांक 5559/2014, रायपुर जिले के याचिकाकर्ता विप्लव झा याचिका क्रमांक 3107/2014, पूनम नन्नेवार की याचिका क्रमांक 670/2015, छबिलाल की याचिका क्रमांक 6681/2014, धनेश्वर प्रसाद पाटले की याचिका क्रमांक 6684/2014, जितेन्द्र कुंभकार की याचिका क्रमांक 6686/2014,

रोशनी मेश्राम की याचिका क्रमांक 666/2015, राजनांदगांव जिले के लेखनी सिन्हा की याचिका क्रमांक 1711/2015, दीपक मेश्राम याचिका क्रमांक 1715/2015 में संयुक्त रूप 17 फरवरी 2021 को आदेश पारित किया जाकर प्रतिवादियों को राज्य शासन द्वारा समय समय पर जारी निर्वाचन कर्मियों की नियुक्ति व संविलियन संबंधी निर्देश 29.11.1973, 29.11.1978, 12.06.1980, एवं दिनांक 19.09.1990 के परिप्रेक्ष्य में पूर्व में नियुक्तियां प्रदान किए जाने के निर्देशों के पालन में की गई नियुक्ति की भॅांति याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन को ग्राह्य किए जाने हेतु आदेशित किया गया है।

माननीय न्यायालय में अन्य जिलों में न्यायालयीन याचिका क्रमांक 6135/2016 एवं 6474/2016 के निर्णयानुसार दी गई नियुक्ति की भाॅति याचिकाकर्ताओं को अनुतोष प्रदान किया जाने का भी उल्लेख आदेश में किया गया है। इन कर्मचारियों को दो-तीन बार विधानसभा, लोकसभा निर्वाचन कार्यो में भी उच्च न्यायालय में प्रस्तुत याचिका व शासन के निर्देशाानुसार नियुक्तियां दी जाती रही है।

प्रदेश के 05 जिलों के उक्त याचिकाकर्ताओं ने जिला निर्वाचन अधिकारी, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव विधि एवं विधायी विभाग तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ को याचिका की सत्यापित प्रति सहित अपने पक्ष में न्यायालय में प्रस्तुत सुसंगत दस्तावेजों की छायाप्रति संलग्न कर कर्मचारी हित में सहानुभूति पूर्वक विचार कर शीध्र निर्णय लिया जाकर, विगत् 5 वर्षो से नियमित शासकीय सेवा से वंचित रखने के आधार पर नियुक्ति प्रदान करने का आग्रह किया है। रायपुर जिले के याचिकाकर्ताओं की ओर से माननीय उच्च न्यायालय में जितेन्द्र नंदे, धिरेन्द्र नंदे अधिवक्ता के माध्यम से याचिका प्रस्तुत की थीं।

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