क्रिकेट मैच नहीं कोरोना की दूसरी लहर हैं ,छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के प्रसार का कारण – डॉ.राकेश गुप्ता

रायपुर(khabar warrior)- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चिकित्सा प्रकोष्ठ अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि बंगाल, तमिलनाडु, असम में चुनावी सभाओं और हरिद्वार में महाकुंभ में लाखों की भीड़ के बावजूद संक्रमण का प्रसार तुलनात्मक रूप से कम हैं
डॉ गुप्ता ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण में बढ़ते मामले को लेकर पिछले दिनों हुई क्रिकेट सीरीज को जिम्मेदार बताने की कवायद चल रही हैं । लेकिन अखिल भारतीय परिदृश्य को देखे तो यह निष्कर्ष आसानी से निकाला जा सकता है कि अगर क्रिकेट मैच में हुई भीड़ को कारण माना जाये तो फिर बंगाल, तमिलनाडु और असम में विधानसभा चुनावों के दौरान आमसभाओं और रोड शो में लाखों लोगों की भीड़ के कारण कोरोना के आंकड़े बहुत अधिक होना चाहिये थे , लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसी प्रकार हरिद्वार में महाकुंभ में रोजाना लाखों लोग एकत्रित हो रहे हैं ।
छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के बढ़ते हुए केस देशव्यापी दूसरी लहर का हिस्सा है । छत्तीसगढ़ में एक समय प्रतिदिन कोरोना संक्रमण के मामले 100 से भी कम हो गये थे । सभी लोगों ने समझा कि कोरोना समाप्ति की और हैं और मास्क पहनने , शारीरिक दूरी बनाये रखने और सैनिटाइजर के उपयोग के अनुशासन में लापरवाही बरतना शुरू कर दी । कोरोना की रफ्तार बढ़ने में इस लापरवाही ने भी योगदान दिया।
छत्तीसगढ़ में प्रारंभ में कोरोना टीकाकरण में हेल्थ वर्कर सहित आम लोगों ने कम रुचि दिखाई थी, लेकिन अब जन जागरण और संक्रमण फैलने के भय से टीकाकरण की रफ्तार बढ़ी है और कल ही एक लाख से अधिक लोगों ने राज्य में टीका लगाया हैं । कोरोना के विस्तार के कारण ढूंढने से बेहतर होगा कि लोग कोरोना बचाव की सामाजिक गाइडलाइन और उपायों का कड़े अनुशासन से सारे लोग पालन करे ।
इसमें मास्क का पूरे समय सही उपयोग करें. सर्दी खांसी बुखार सहित दस्त लगना मांस पेशियों में शिथिलता कमजोरी और भोजन का स्वाद और खुशबू ना आना के लक्षण होने पर तुरंत कोरोना टेस्ट करवाएं, हमें यह जानना जरूरी है कि भारत में इस वक्त कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के साथ नई ट्रेन आने की आशंका जताई जा रही है जिनके लक्षण भिन्न है इसलिए क्वालिफाइड चिकित्सक से परामर्श ले ताकि बदलते लक्षणों को जल्दी पहचाना जा सके और कोरोना संक्रमित होने पर होम आइसोलेशन होने पर दिए गए सभी दिशा निर्देशों का पालन करें जरूरत होने पर कॉविड केयर सेंटर और लक्षण तीव्र होने पर कोविड अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का उपयोग करें.
टीकाकरण में के बारे में ग़लत अफ़वाहों पर ध्यान न दें और जल्दी से जल्दी सपरिवार टीका लगवायें.अंत में कोरोना संक्रमण से बचाव की गाइडलाइन ही कोरोना में विजय में सहायक सिद्ध होगी।



