छत्तीसगढ़

सरकार द्वारा वैक्सीनेशन रोकने पर बोले चीफ़ जस्टिस, “टीकाकरण वक्त की आवश्यकता, किसी भी स्थिति में रोकी न जाए”

बिलासपुर(khabar warrior)- अंत्योदय को टीकाकरण पर रोक के राज्य सरकार के फैसले को अस्वीकार करते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट ने आज कहा कि टीकाकरण वक्त की जरूरत है, इसे जारी रखा जाए।

हाईकोर्ट में आज राज्य सरकार के वैक्सीन पर अंत्योदय योजना को लेकर लगी हस्तक्षेप याचिकाओं पर सुनवाई थी।

हाईकोर्ट की डबल बेंच वन याने चीफ़ जस्टिस पी रामचंद्र मेनन और पी पी साहू की बेंच ने इन हस्तक्षेप याचिकाओं की सुनवाई की। हाईकोर्ट के आदेश के हवाले से राज्य सरकार के टीकाकरण रोकने के आदेश पर हाईकोर्ट ने कहा

“टीकाकरण वक्त की आवश्यकता है.. कोर्ट यह स्पष्ट करना चाहती है कि किसी भी सूरत में टीकाकरण रोका ना जाए.. कोर्ट के किसी आदेश का यह मंतव्य ही नहीं है..”

चीफ़ जस्टिस रामचंद्र मेनन ने कहा- “जब तक कमेटी मापदंड निर्धारित नहीं कर लेती तब तक भी वैक्सीनेशन नहीं रोका जाए”.वहीं इस मामले में राज्य सरकार की ओर महाधिवक्ता के साथ सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता वी वी गिरी भी उपस्थित हुए। वरिष्ठ अधिवक्ता वी वी गिरी ने बीते चार मई को राज्य सरकार के स्वास्थ्य सचिव की ओर से जारी आदेश को लेकर हाईकोर्ट में आवेदन देकर बताया गया कि चार मई के आदेश को राज्य सरकार रिकॉल कर संशोधित कर रही है। विदित हो कि चार मई के आदेश में टीकाकरण में अंत्योदय फ़ार्मुला लागू करने की बात आदेशित थी, जिस पर हाईकोर्ट ने तीखी टिप्पणी की थी, और इसे असंवैधानिक बताया था।

राज्य सरकार की ओर से आग्रह किया गया कि इस मामले को जल्दी सुचीबद्ध किया जाए। जिस पर हाईकोर्ट ने समिति के निष्कर्षों के आते ही जल्द सुचीबद्ध करने की सहमति दे दी।

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