राजनीति

एमपी सरकार की तरह छ.ग. में भी एन.पी.एस. कर्मियों का शासकीय अंशदान 14 प्रतिशत् करने की उठी मांग

रायपुर(khabar warrior)- मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2004 के बाद नियुक्त ऐसे शासकीय सेवक जिन्हें केन्द्र सरकार द्वारा पुरानी पेंशन योजना को बंद कर नवीन अंशदायी पेंशन योजना लागू की गई है, ऐसे कर्मचारियों का मध्यप्रदेश सरकार वित्त विभाग ने 28 मई 21 को आदेश प्रसारित कर कर्मचारियों व सरकार के अंशदान संबंधी मध्यप्रदेश सरकार के निर्देश दिनांक 25 सितंबर 2006 के बिन्दु क्रमांक 08 मासिक वेतन व मंहगाई भत्ता से 10 प्रतिशत् राशि समतुल्य शासकीय अंशदान के रूप में काटे जाने के प्रावधान में संशोधित करते हुए अब सरकार के अंशदान को 14 प्रतिशत् किये जाने का निर्णय लिया गया है।

इस आदेश को छत्तीसगढ़ राज्य के लाखों एन.पी.एस. कर्मचारियों के लिए लागू करने की मांग मुख्यमंत्री भूपेश बधेल से तथा पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संध ने की है।

संध के प्रांतीय अध्यक्ष विजय कुमार झा एवं जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खाॅन ने मांग की है कि देश में अधिकारी कर्मचारियों के बीच व्याप्त भेदभाव की नीति को प्रधानामंत्री तत्काल बंद करें। संध ने उनसे नवीन पेंशन योजना, अंशदायी पेंशन योजना को तत्काल बंद कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग करते हुए मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जारी निर्देश दिनांक 28 मई 2021 के द्वारा बिन्दु क्रमांक 8 में कर्मचारियों व शासन के अंशदान में अब 14 प्रतिशत् अंशदान शासन का एवं 10 प्रतिशत् अंशदान कर्मचारी का निर्धारित करने जो निर्णय लिया गया है,

उसे छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों के लिए लागू किए जाने की मांग मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री छत्तीसगढ़ शासन से करते हुए कहा है कि जब तक प्रधानमंत्री 2004 से लागू अंशदायी राष्ट्रीय पेंशन योजना को बंद पुरानी पेंशन योजना लागू नहीं कर देते है तब तक प्रदेश के कर्मचारियों को कुछ आर्थिक लाभ प्रदान करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार भी 14 प्रतिशत् शासकीय अंशदान की नीति को लागू करें।

ज्ञातव्य है कि भारत शासन की अधिसूचना दिनांक 31 जनवरी 2019 के अनुसार नियोक्त अंशदान को 10 प्रतिशत् से बढ़ाकर 14 प्रतिशत् करने के आदेश के परिपालन में मध्यप्रदेश सरकार ने भी नए वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 01 अप्रैल 2021 से शासन के अंशदान में 10 प्रतिशत् से बढ़ाकर 14 करने का आदेश प्रसारित किया है। पूर्व में कर्मचारी व सरकार का अंशदान समतुल्य 10-10 प्रतिशत् निर्धारित था। प्रधानमंत्री व मुख्यंत्री के एक देश, एक कानून, एक कर की नीति के तहत केन्द्र सरकार के अधिसूचना दिनांक 31 जनवरी 2019 को छत्तीसगढ़ में लागू करते हुए समता के आंगन में विषमता के बीज छत्तीसगढ़ की माटी में न बोए जावे।

क्योंकि केन्द्र सरकार ने इस नियम में संशोधन करते हुए ‘‘कर्मचारियों का मासिक अंशदान वेतन और मंहगाई भत्ते (डी.ए.) कस 10 प्रतिशत् होगा और राज्य शासन का मासिक अंशदान वेतन और मंहगाई भत्ते का 14 प्रतिशत् होगा‘‘ संशोधित किया है तथा इसे 01 अप्रैल 2021 से लागू कर दिया है।

यह निर्देश अखण्ड भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के लिए भी प्रभावशील किए जाने की मांग संध के प्रदेशाध्यक्ष विजय कुमार झा, जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खॅान, प्रांतीय उपाध्यक्ष अजय तिवारी, महांत्री उमेश मुदलियार, संभागीय अध्यक्ष संजय शर्मा प्रांतीय सचिव विश्वनाथ ध्रुव, प्रांतीय कोषाध्यक्ष रविराज पिल्लें, नरेश वाढ़ेर, कुंदन साहू, प्रदीप उपाध्याय, शीला बैस, एस.पी.यदु, आर.के.वर्मा, टार्जन गुप्ता, प्रवीण ढिढवंशी संभागीय सचिव, डाॅ.अरूंधति परिहार, बजरंग मिश्रा अनियमित कर्मचारी संध प्रांताध्यक्ष, विश्व विद्यालय कर्मचारी संध अध्यक्ष श्रवण सिंह ठाकुर, सचिव प्रदीप कुमार मिश्रा प्रदीप उपाध्याय, भजन बाध, दिनेश गोस्वामी, मुरली प्रसाद शर्मा, दिनेश कुमार साहू आदि ने मुख्यमंत्री भूपेश बधेल से की है।

Related Articles

Back to top button