मोहम्मद शादाब एवं उसकी उपलब्धियां: प्रेरणा के स्रोत

डेस्क(khabar warrior)- हाल ही में 27 जनवरी, 2021 को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अधीन स्कूल (एस. टी. एस) के 11वीं कक्षा के छात्र मोहम्मद शादाब, जिसे गणतंत्र दिवस के मौके पर ‘राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ (2021 ) से सम्मानित किया गया, के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल-वार्तालाप किया। प्रधानमंत्री के साथ अपनी वार्तालाप को लेकर शादाब बहुत ही उत्साहित और प्रसन्न था।
शादाब तालीम के क्षेत्र में बेमिशाल क्षमताओं और शानदार उपलब्धियों के कारण प्रधानमंत्री ने उन्हें अमरीका में भारतीय छात्र प्रतिनिधि की उपाधि से सम्मानित किया। मोहम्मद शादाब ने ‘Girls, Say Yes’ नामक स्वयंसेवी संस्था बनाकर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया और अपने अमरीकी प्रवास के दौरान भारतीय संस्कृति और मूल्यों का उल्लेख करते हुए 50 से अधिक प्रस्तुतियां दी।
भारत लौटने से पहले उसने अमरीका में ‘Kennedy Lugar Youth Exchange and Study Programme’ के अंतर्गत अपनी हाई स्कूल की तालीम भी पूर्ण की। इस वर्चुअल वार्तालाप के दौरान जब प्रधानमंत्री ने शादाब से उसकी इच्छाओं के बारे में पूछा तो उसने जवाब दिया कि भारत के 11वें राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन में आने वाली कठिनाइयों और मुश्किलों से भरी उनकी कहानी ने उसके हृदय को छू लिया था। डॉ. कलाम की भांति वह भी अपने जीवन में कुछ महत्वपूर्ण करना चाहते है और मुल्क के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना चाहते हैं। शादाब अपने आपको ऐसे मनुष्य में देखना चाहता है जो ‘मानवता की सेवा कर सके।
शादाब ने कहा कि वह ‘लोकसेवा परीक्षा पास करना चाहता है और देश के लिए एक ‘सुधारक तथा ‘बदलाव लाने वाला मनुष्य’ बनना चाहता है। वह ‘संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहता है। प्रधानमंत्री मोदी ने शादाब के अच्छे व्यवहार और उसमें देशभक्ति से भरे सकारात्मक मूल्यों को भरने के लिए उसके अभिभावकों की प्रशंसा की। शादाब को उसके स्कूल ने गणतंत्र दिवस समारोह में सम्मानित किया और उसे ‘स्मृति चिन्ह’ भी भेट किए। शादाब की इन उपलब्धियों पर हम सभी गर्व करते हैं जो अपने सहपाठियों के लिए रोल मॉडल है।



