छत्तीसगढ़ सरकार भी राजस्थान सरकार की तरह महंगाई भत्ता का आदेश अविलंब करें जारी

रायपुर(khabar warrior)- छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा एवम् महासचिव आर.के.रिछारिया ने प्रेस को जारी बयान में कहा है कि राजस्थान में भी कांग्रेस की सरकार है और छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस की सरकार है। जिस तरह से राजस्थान के सरकार ने बिना विलंब किए अपने राज्य के कर्मचारियों को केंद्र के समान 28% महंगाई भत्ता देने का आदेश जारी किया है ठीक उसी तरह छत्तीसगढ़ सरकार को भी 28% महंगाई भत्ता दिया जाना चाहिए।
वर्मा ने आगे बताया कि कोरोना काल में लगभग 1000 से भी अधिक अधिकारियों कर्मचारियों की मृत्यु हो हुई है। कोरोना के कारण लाखों परिवार प्रभावित हुए हैं जांच उपचार में कर्ज में डूब चुके हैं । प्रदेश भर में वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए प्रदेश के शासकीय सेवकों की भूमिका का सराहना देश भर में हुई है।
देश में बढ़ती हुई महंगाई ने भी मध्यम आय वर्गीय कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को तोड़ कर के रख दी हैं।ऐसे हालातों में भी शासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले राज्य कर्मचारियों को महंगाई भत्ता का लाभ मिलना ही चाहिए । उन्होंने बताया कि 2019 से छत्तीसगढ़ के कर्मचारी वैसे भी 9% महंगाई भत्ता का नुकसान उठाते आ रहे हैं।
राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों की पीड़ा को देखते हुए जो निर्णय लिए है, इसे देश के हर राज्य सरकार को स्वीकार करना चाहिए। ज्ञात हो कि केंद्र सरकार 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता में 11 प्रतिशत वृद्धि करते हुए 28 प्रतिशत कर दिया है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश के कर्मचारियों को अभी 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है।प्रदेश की आर्थिक स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में मजबूत होने के कारण कर्मचारियों में महंगाई भत्ता को लेकर उम्मीद जगी है।



