बेमौसम बारिश से बदहाल किसानों को सरकार से मदद की जरूरत,आपदा राहत आर बी सी 6-4के तहत तत्काल सहायता के लिए छग प्रगतिशील किसान संगठन ने सौंपा ज्ञापन

बेमौसम बारिश से सभी फसलों को व्यापक क्षति, आपदा राहत (आर बी सी 6-4)और बीमा का मिले लाभ

दुर्ग (खबर वारियर) प्रदेश में दिसम्बर माह से लगातार हो रहे असमय बारिश से किसानों के लिए निर्मित विषम परिस्थिति को लेकर छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने अपर कलेक्टर नुपुर राशी पन्ना को मंत्री कृषि एवं मंत्री राजस्व एवं आपदा प्रबंधन छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपा।एवं मांग किया कि फसलों को हो रही व्यापक नुकसान एवं किसानों को हुई आर्थिक क्षति के कारण किसानों की स्थिति दयनीय हो चुकी है।एवं तत्काल सरकार से सहायता की जरूरत है ।

ज्ञापन में आग्रह पूर्वक मांग किया गया है कि आपदा बड़ी है और‌ किसानों को तोड़ कर रख दिया है । प्रशासन सभी ,उन किसानों को जिनके खेत में कोई भी फसल लगी है आपदा राहत का पात्र मानकर सहायता पहुंचाई जावे।

संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि, दिसंबर अंतिम सप्ताह में हुई असमय बारिश से ही फसलों को भारी नुकसान हुआ था मगर पूरे जिले में कहीं भी राजस्व अधिकारियों द्वारा आदेश नही होने का हवाला देकर प्रकरण तैयार नही किया गया। जबकि मुख्यमंत्री ने सर्वे कर सहायता पहुंचाने का निर्देश दिया था।

प्रतिनिधि मंडल ने मांग रखते हुए कहा कि अब जो बारिश बदली की लगातार स्थिति बनी हुई है इसमें बची खुची फसलों का बच पाना मुश्किल है और किसानों को व्यापक रूप से नुकसान होना निश्चित है ।

रबी के दलहनी, तिलहनी,और गेहूं उद्यानिकी के सब्जी वर्गीय फसलों को 50%तक नुकसान हो चुका है और वो भी पूरे बोनी क्षेत्र में हुई है जबकि आपदा राहत 6-4 के तहत 33%से अधिक फसल नुकसान पर आर्थिक सहायता का प्रावधान है, अतः जिले के सभी किसानों को प्रभावित फसलों के लिए बोनी क्षेत्रफल पर सहायता पहुंचाने की जरूरत है ,साथ ही फसल बीमा का लाभ हेतु कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों को किसानों से मिलकर उचित मार्गदर्शन करने की जरुरत है ताकि बीमा का अधिकाधिक लाभ किसानों को मिल सके।

औपचारिक चर्चा में संगठन ने अपर कलेक्टर के समक्ष धान खरीदी को लेकर भी बात रखी, चूंकि खराब मौसम का प्रभाव धान खरीदी पर भी हुआ है और लगभग 40%किसान अपनी उपज नही बेच पाये हैं अतः सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसान अपनी फसल आराम से बेच ले।

तीन टोकन की बाध्यता को भी निर्मित परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए शिथिल किया जाना चाहिए।जिस पर अपर कलेक्टर द्वारा संज्ञान लेकर तथा संभव सहयोग का भरोसा दिया गया।

प्रतिनिधि मंडल में, राजकुमार गुप्ता,आई के वर्मा, झबेंद्र भूषण वैष्णव और संतु पटेल प्रमुख रूप से शामिल रहे