“कही-सुनी” :- वरिष्ठ पत्रकार रवि भोई की कलम से…

(15 MAY-2022)

“कही-सुनी”

   रवि भोई🖊️🖋️


राजस्थान के चिंतन-मनन पर टिकी नजरें

आमतौर से उत्तर-पश्चिम यानी राजस्थान की ओर से आने वाली गर्म हवाओं के कारण छत्तीसगढ़ में लू चलती है। मई के महीने में राजस्थान राजनीतिक रूप से तप रहा है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही राष्ट्रीय पार्टियां चिंतन -मनन और चुनावी रणनीति के लिए राजस्थान को चुना है। कांग्रेस का तीन दिवसीय चिंतन शिविर 13 मई से उदयपुर में शुरू हो गया है और भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की दो दिवसीय बैठक 20-21 मई को जयपुर में आहुत है।

कांग्रेस के चिंतन शिविर में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल,मंत्री टीएस सिंहदेव समेत सांसद और राष्ट्रीय पदाधिकारी गए हैं, वहीँ भाजपा की बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के नाते पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह , प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, संगठन महामंत्री और अन्य पदाधिकारी जाएंगे।

दोनों ही दलों में इन दिनों अंदरूनी खींचतान साफ दिखाई पड़ रहा है। राजस्थान की बैठक से दोनों ही दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को नई किरण की उम्मीद है। अब देखते हैं कार्यकर्ताओं के लिए राजस्थान से धूल भरी आंधी आती है या खुशनुमा बौछारें।

चुनाव अभियान समिति के मुखिया होंगे बृजमोहन ?

चर्चा है कि पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता-विधायक बृजमोहन अग्रवाल 2023 के विधानसभा चुनाव के लिए बनाए जाने वाले चुनाव अभियान समिति के प्रमुख होंगे। कहा जा रहा है कि बृजमोहन अग्रवाल के आक्रामक छवि और चुनावी मैनेजमेंट में कुशलता के कारण यह जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।

खबर है कि बृजमोहन अग्रवाल भी स्वयं चुनाव अभियान समिति की कमान संभालने के इच्छुक हैं। बताते हैं जब डॉ. रमन सिंह मुख्यमंत्री थे, तब चुनाव अभियान समिति के संयोजक हुआ करते थे और उनके अधीन बाकी लोग जिम्मेदारी संभालते थे। अब परिस्थिति बदल गई है।

अरुण साव की इंट्री से भाजपा में घमासान

कहते हैं बिलासपुर के सांसद अरुण साव को प्रदेश भाजपा के कोर ग्रुप में शामिल करने से पार्टी में घमासान मच गया है। अरुण साव को राष्ट्रीय कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित की हैसियत से कोर ग्रुप में जगह दी गई है, वहीँ पार्टी कोषाध्यक्ष के नाते कोर ग्रुप में गौरीशंकर अग्रवाल की भी इंट्री हो गई। अरुण साव और गौरीशंकर अग्रवाल को कोर ग्रुप में शामिल करने से अजय चंद्राकर का नंबर नहीं लगा। अजय चंद्राकर राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य बताए जाते हैं। चर्चा है कि गुटीय संतुलन साधने के फेर में अजय चंद्राकर का पत्ता साफ़ कर दिया गया। इससे पार्टी में आंतरिक कलह उफान पर बताया जाता है।

23 फीसदी वाले का क्या होगा ?

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 10 फीसदी कमीशन की शिकायत पर सूरजपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राहुलदेव का ट्रांसफर कर दिया ,पर राज्य का एक ऐसा जिला भी है , जहां के लोग कह रहे हैं सीईओ साहब तो 23 फीसदी तक मांगते हैं। कहते हैं कि जिले के सरपंचों ने तो हाथ खड़े कर दिए हैं और गांव वालों से हाथ जोड़ लिया है।

कहते हैं कि सीईओ साहब के दामन पर दाग के बावजूद जिले में जमे हैं, इस कारण सरपंचों ने गांव वालों के सामने हथियार डाल दिए। इस जिले के लोगों को अब मुख्यमंत्री जी के भेंट-मुलाक़ात कार्यक्रम का इंतजार है। भेंट-मुलाक़ात कार्यक्रम में सूरजपुर के ग्रामीणों का गुस्सा नहीं फूटता तो शायद सब कुछ ढका रहता।

धरोहर की जगह आईएएस दंपति का बसेरा

कहते हैं भिलाई के जिस बंगले में कभी देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद रुके थे, उस बंगले को अब छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस दंपति ने अपना बसेरा बना लिया है। कहा जाता है कि 5 फ़रवरी 1959 को भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रथम ब्लास्ट फर्नेस का उद्घाटन करने आए राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद भिलाई के 32 बंगले के दो नंबर बंगला में एक दिन रुके थे। यह बंगला तब बीएसपी के मुखिया का बंगला होता था।

कहा जाता है कि राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जब भिलाई आए तो उनके दामाद निर्मलचंद श्रीवास्तव ही बीएसपी के मुखिया थे। इस कारण वे वहीँ रुके। तब बीएसपी में महाप्रबंधक प्रमुख होता था। प्रारंभिक दिनों में आईएएस को महाप्रबंधक बनाया जाता था। भिलाई स्टील प्लांट ने देश के प्रथम राष्ट्रपति की याद में बंगले को धरोहर के रूप में रखने की जगह उसे आईएएस दंपति को आबंटित कर दिया। चर्चा है कि आईएएस अफसरों ने बंगले को संवारकर अपना नया ठिकाना बना लिया है।

मोहन मरकाम ने दिखाई ताकत

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महामंत्री चंद्रशेखर शुक्ला को हटाकर प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने अपनी ताकत दिखा दी। कहते हैं चंद्रशेखर शुक्ला को प्रदेश अध्यक्ष के साथ मिलकर नहीं चलना भारी पड़ा। चंद्रशेखर शुक्ला की जगह मोहन मरकाम ने अपने विश्वस्त अमरजीत चावला को महामंत्री संगठन की जिम्मेदारी सौंप दी। मोहन मरकाम ने छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष सन्नी अग्रवाल को अनुशासनहीनता के आरोप में काफी दिनों तक पार्टी से निलंबित कर भी अपना अधिकार जता दिया था। कहा जाता है प्रभारी महामंत्री पीएल पुनिया के आग्रह के बाद ही सन्नी अग्रवाल को बहाल किया गया।

छत्तीसगढ़ बिजली बोर्ड में उलटफेर

सरकार ने छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल में बड़ा उलटफेर कर दिया है। हर्ष गौतम की जगह मनोज खरे को वितरण कंपनी का प्रबंध संचालक बना दिया। मनोज खरे अभी होल्डिंग कंपनी में कार्यपालक निदेशक थे। वैसे भी हर्ष गौतम रिटायरमेंट के बाद करीब-करीब दो साल वितरण कंपनी के मुखिया का आनंद ले लिया। सरकार ने ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक एसडी तैलंग की भी विदाई कर दी।

ट्रांसमिशन कंपनी के एमडी का प्रभार उज्जवला बघेल को दिया गया है। उज्जवला बघेल अभी होल्डिंग कंपनी की प्रबंध संचालक है। कहते हैं देर-सबेर होल्डिंग कंपनी का ट्रांसमिशन कंपनी में विलय होना है। ऐसे में कहा जा रहा है उज्ज्वला बघेल की व्यवस्था पहले से ही कर दी गई है।

(-लेखक, पत्रिका समवेत सृजन के प्रबंध संपादक और स्वतंत्र पत्रकार हैं।)