हड़ताली कर्मचारियों पर सरकार सख्त, हो सकता है ये बड़ा एक्शन,फेडरेशन ने कहा अनुचित

पांच दिन का वेतन नहीं, ब्रेक इन सर्विस

नवा रायपुर(खबर वारियर) छत्तीसगढ़ में पिछले पांच दिनों से काम बंद करके हड़ताल पर जाने वाले साढ़े चार लाख सरकारी अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ अब सरकार का डंडा बरस सकता है। दरअसल राज्य सरकार ने इस हड़ताल को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए साफ कर दिया है कि इस तरह हड़ताल करने वालों का सामूहिक अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। यही नहीं जितने दिन वे हड़ताल पर रहे हैं उस अवधि को ब्रेक इन सर्विस माना जाएगा।

राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने हड़ताली अधिकारी कर्मचारियों को 2006 का एक आदेश याद दिलाया है।

दूसरी ओर शासकीय सेवकों के संगठन छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन का कहना है कि सरकार का यह कदम उचित नहीं है। सरकार को दंडात्मक कार्रवाई करने के बजाय फेडरेशन से बात करके कोई रास्ता निकालना चाहिए। खास बात ये है कि पांच दिनों की हड़ताल शुक्रवार को समाप्त हुई है। सोमवार से सभी सरकारी दफ्तर खुलेंगे। यही नहीं 31 जुलाई को फेडरेशन से जुड़े सभी संगठनों की एक बैठक रखी गई है, इस बैठक में अनिश्चितकालीन हड़ताल की रणनीति बनाई जानी है।

2006 का आदेश फिर निकला, होगी कार्रवाई

राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने एक ताजा आदेश जारी कर कहा है कि 10 अप्रैल 2006 को जो परिपत्र जारी किया गया था, उसके तहत दिए गए निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

राज्य सरकार ने 2006 अप्रैल में एक परिपत्र जारी किया था, इसमें कहा गया है कि शासकीय सेवकों द्वारा हड़ताल,धरना, तथा सामूहिक अवकाश आदि प्रकार के कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के अनुसार कदाचरण (मिसकंडक्ट)की श्रेणी में आते है । ऐसा करने वाले शासकीय सेवक अनुशासनात्मक कार्रवाई के भागी होंगे । बिना पूर्व स्वीकृति के सामूहिक अवकाश पर जाने की दशा में अथवा हड़ताल में भाग लेने की दशा में ऐसी अनाधिकृत, अनुपस्थिति के दिवसों तथा हड़ताल का वेतन इत्यादि देय नहीं होगा, न ही इस प्रकार की अनुपस्थिति के दिवसों का अवकाश स्वीकृत किया जायेगा। ऐसें दिवसों की अवधि का कोई वेतन इत्यादि देय नहीं होगा और इस अवधि को ब्रेक-इन-सर्विस माना जाएगा ।

इसके अलावा भी जब कभी शासकीय सेवकों द्वारा उक्त प्रकार के कृत्य किये जाएं तो ऐसे घोर अनुशासनहीनता करने वालों के विरुद्ध गुण दोषों के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश सक्षम अधिकारी दे सकेंगे।