छत्तीसगढ़

आंदोलनरत किसान संगठनों के समर्थन में महिला किसान मैदान में

दुर्ग(खबर वारियर)- केंद्र के तीन कृषि कानूनों को वापस लेने और कृषि उपजों की न्यूनतम समर्थन मूल्य में खरीदी करने की कानूनी गारंटी देने की मांग को लेकर दिल्ली की सीमाओं में पिछले 50 दिनों से कड़कड़ाती ढंड में खुले आसमान में आंदोलन कर रहे किसान संगठनों के आह्वान पर छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के बैनर पर आज जिला के महिला किसानों ने जिला पंचायत भवन के सामने धरना प्रदर्शन किया।

छत्तीसगढ़ के इतिहास में महिलाओं द्वारा संचालित महिला किसानों का पहले धरने को अंजोरा की लाजेश्वरी देशमुख, चंदखुरी की लता चंद्राकर और बोरई की बिंदु साहू ने संबोधित किया, महिला वक्ताओं ने केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर भड़ास निकालते हुए कहा कि एक तो किसान संगठनों को विश्वास में लिये बिना कोरोना संक्रमण काल का अनुचित लाभ उठाते हुए संसद में अनुचित रूप से बिल पारित कराकर किसानों पर तीन काला कानून थोप दिया और पूरे देश के किसान संगठन के एकजुट आह्वान पर लाखों किसान तीनों कानून वापस लेने की मांग को लेकर 50 दिन से कड़कड़ाती ठंड में दिल्ली की सीमाओं में आंदोलन कर रहे है 131 किसान जान गंवा चुके हैं किंतु सरकार किसानों के निष्ठुर बनकर वार्ता के बहाने किसानों को थकाने का प्रयास कर रही है, महिला किसानों ने तीनों कानूनों को वापस लेने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही.

महिला किसानों के आज के प्रगर्शन में छत्तीसगढ़।प्रगतिशील किसान संगठन के पुरूष कार्यकर्ता सिर्फ सहयोगी की भूमिका में रहे, धरना प्रदर्शन में बोरई, नगपुरा, ढाबा, अंजोरा, चंदखुरी, साजा, अछोटी आदि गांव के सैकड़ों महिला किसान शामिल हुए।

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