छत्तीसगढ़

आम आदमी पार्टी महंगाई के खिलाफ उतरेगी सड़क पर

पूरे छत्तीसगढ़ में SDM और DM के माध्यम से राष्ट्रपति व राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

रायपुर(khabar warrior)- आम आदमी पार्टी की छत्तीसगढ़ इकाई ने आज पूरे प्रदेश में सभी जिलाधिकारी व SDM को राष्ट्रपति माननीय रामनाथ कोविंद व माननीय राज्यपाल अनुसुइया जी को प्रदेश में बढ़ रही बेहताशा मंहगाई को लेकर ज्ञापन सौंपा है साथ ही आम आदमी पार्टी ने एलान किया है कि अगर महंगाई पर जल्द नियंत्रण नहीं किया तो लॉकडाउन खुलने के बाद सड़कों पर उतरेगी।

रायपुर जिलाध्यक्ष कमल नायक ने कहा केंद्र की मोदी सरकार व प्रदेश की भूपेश सरकार की महंगाई के खिलाफ उचित नीति नहीं बनाने के कारण प्रदेश की जनता महंगाई से काफी त्रस्त है, केंद्र में जब से मोदी सरकार ने देश की बागडोर सम्हाली है तब से डीज़ल-पेट्रोल, रसोई गैस से लेकर दैनिक जीवन की किराना सामानों की कीमतें नित नए आयाम स्थापित करती चली जा रही हैं, महँगाई मानो थमने का नाम ही नहीं ले रही है यहाँ तक की हर छोटे, मझोले परिवार को प्रभावित करने वाली जरूरी चीजें सहित दवाइयों की कीमत भी मोदी सरकार के 2014 से केन्द्र में स्थापित होने के बाद से आसमान छूने लगी है.

रोजमर्रा की सामान्य दवाइयों में भी सौ से दो सौ प्रतिशत की वृद्धि हो गई है, किराना आदि खाद्य सामग्रियों की कीमत तो 2014 के बाद से जैसे रुकने का नाम ही नहीं ले रही है, आमजन को ठीक से भोजन के लिए सोचना पड़ रहा है देश की 80 फीसदी आबादी की क़मर महँगाई से टूट चुकी है लोग हलाकान-परेशान हैं कि अपने और परिवार का भरण पोषण करें तो करें कैसे.?

केन्द्र में मोदी सरकार आई है 2014 के बाद का ही आकलन करें तो डीज़ल-पेट्रोल की कीमत में लगभग 100 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है 2014 में पेट्रोल 58 रु लीटर थी जो अभी 93 से 100 की हो चुकी है, डीज़ल 2014 में 48 की थी 2021 में 88रू की हो गई है रसोई गैस 2014 में 510 रू प्रति सिलेंडर थी जो अभी 2021 में ठीक दोगुनी 819 रु की हो गई है.

किराना संबंधित खाद्य सामग्रियों के क़ीमतों में आग लग चुकी हैं, सरसों तेल जो 2014 में 80 से 90रु लीटर थी अभी 2021 मे 180 रु, अरहर दाल 2014 में 65–74 रु किलो थी जो अभी 2021 में 130 से 150 रु की हो गई है, चना दाल 14 में 46 रु थी जो अब 100 की हो गई है उड़द और मूंगदाल तो सामान्य और निम्न मध्यम वर्ग की पहुँच से दूर हो चुकी है, ऊपर से कोरोना महामारी की मार जिसमें लॉकडाउन के कारण मेहनत कर रोज कमाने खाने वालों के खाने का स्वाद बिगड़ चुकी है लोग महंगाई के कारण अपनी दैनिक जीवन की वस्तुओं को नहीं खरीद पा रहे हैं.

भाजपा की केन्द्र सरकार व छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार महँगाई तो रोकने में पूरी तरह विफल है ही उसकी पूँजीवादी सोंच के कारण महँगाई को स्थिर तक नहीं कर पा रही है, वहीँ छत्तीसगढ़ राज्य सरकार को इस महंगाई के दौर में टैक्स कम करना चाहिए था जिससे महंगाई कम हो पर राज्य सरकार तो टैक्सों में बेतहाशा वृद्धि कर महँगाई में और आग लगा रही हैं.

इसी प्रकार ज़रूरी दवाइयों की क़ीमत में भी बेतहाशा वृद्धि हुई है आम इंसान के घर का बजट बदहाल हो चुका है और बड़ी बड़ी बात करने वाली केन्द्र और राज्य सरकारें इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर कोई बात नहीं करना चाहती  बेबस जनता हलाकान–परेशान है, मोदी सरकार के 2014 से 2021 के मध्य कार्यकाल का अवलोकन कर लें तो लगभग हरेक वस्तुओं की कीमतों में 100 से 200 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जिसकारण औसतन महँगाई केवल मोदी सरकार के 5 से 7 साल के बीच ही आसमान छू रही है जो अन्य पिछली सरकारों में इतना नहीं बढ़ा था |

आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ केन्द्र सरकार व छत्तीसढ़ राज्य सरकार के इस महँगाई की नीति के विफलता का विरोध करती है और आपके माध्यम से केन्द्र सरकार व राज्य सरकार से माँग करती है कि तत्काल इस महँगाई को रोकने, इसे नियंत्रित करने अविलम्ब कोई ठोस कदम उठाए, आमजन की जनभावनाओं का कद्र करें अन्यथा आम आदमी पार्टी, आम जनता की इस महँगाई की लड़ाई को सड़कों पर लड़ेगी और मँहगाई कम नहीं हुई हम प्रदेश स्तर पर आंदोलन करेगी।

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