शिक्षा विभाग में अंग्रेजी स्कूल खोलने के निर्णय का पालन नहीं, शिक्षक पालक परेशान,न आबंटन, न सेटअप, न पदो की स्वीकृति,केवल शिफ्टिंग

हिन्दी मिडियम स्कूल के ही छात्रों व अंग्रेजी शिक्षकों को शिफ्ट कर औपचारिताएँ की जा रही पूरी
रायपुर(khabar warrior)- प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत् राज्य शासन ने अंग्रेजी माध्यम के नवीन शालाएं संचालित करने, अंग्रेजी शिक्षकों को अध्यापन हेतु नियुक्त करने व अंग्रेजी छात्रों को अंग्रेजी विषय पर पारंगत् करने हेतु अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोलने का नीतिगत् निर्णय छत्तीसगढ़ के विकास हेतु लिया गया है। किंतु शासन द्वारा इस हेतु न पदो की स्वीकृति प्रदान की गई है, न ही बजट में प्रावधान किए गए है, न अंग्रेजी माध्यम के शाला भवन निर्माण किया जा रहा है और न इस हेतु नीजि अंग्रेजी माध्यम के शालाओं की भाॅति छात्र चयन किए जा रहे है।
शासन की योजना को अमली जामा पहनाने के लिए अब शिक्षकों, छात्रों, व शाला भवनों में शिफ्टिंग की कार्यवाही कर सरकार को खुश करने में शिक्षा विभाग के अधिकारी लगे हुए है। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संध ने इससे शिक्षकों को हो रही परेशानी की ओर शासन का ध्यान आकृष्ट कर तत्काल रोक लगाने की मांग मुख्यमंत्री से की हैै।
संध के प्रांतीय अध्यक्ष विजय कुमार झा एवं जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खाॅन ने बताया है कि राज्य सरकार ने प्रदेश के नीजि अंग्रेजी माध्यम के शालाओं के मनमानी, बढ़ते प्रभाव, फीस व प्रवेश के मामले में अनियंत्रित होने के कारण स्वयं अंग्रेजी माध्यम की शालाएं संचालित कर प्रदेश के युवा शक्ति को प्रगति के पथ पर अग्रसर करने की जनहितैषी योजना प्रभावी की है। जिसके तहत 52 स्वामी आत्मानंद विद्यालय एवं प्रस्तावित 119 विद्यालयों की जानकारी बेबसाईट पर अपलोट करने लोक शिक्षण संचालनालय ने जिलों को निर्देशित किया है।
इससे कुल 171 विद्यालयों की एट्री मात्र दो दिन में करने का उल्लेख उक्त निर्देश में है।
इसमें यह भी उल्लेखित है कि 9 मार्च तक ऐसे विद्यालय की समिति संबंधी जानकारी पंजीयक फम्र्स एवं संस्थाऐं छत्तीसगढ में जमा कर सूचित किया जावे। इन सब प्रक्रियाओं से स्पष्ट है कि प्रदेश में 171 शाला भवन उपलब्ध नहीं है, इसलिए पुराने भवनों में ही कम्प्यूटर आदि की व्यवस्था करने, अंग्रेजी माध्यम के छात्रों को उन शालाओं में शिफ्ट करने तथा अंग्रेजी माध्यम के शिक्षकों को बिना उनकी सहमति के जबरिया पदस्थ करने की कार्यवाही शिक्षा विभाग में की जा रही है।
इससे शिक्षकों, पालकों व छात्रों में आक्रोष है। संध के प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष अजय तिवारी, महामंत्री उमेश मुदलियार, संभागीय अध्यक्ष संजय शर्मा, पी.एच.ई. प्रांतीय संयोजक विमल चंद कुण्डू, प्रांतीय सचिव विश्वनाथ ध्रुव, सुरेन्द्र त्रिपाठी, रामचंद ताण्डी, अमर मुदलियार, महासमुंद अध्यक्ष ओम नारायण शर्मा, जी.आर.चन्द्रा बिलासपुर, विजय लहरे दुर्ग गजेन्द्र श्रीवास्तव, आनंद सिंह सरगुजा, अतुल श्रीवास्तव बस्तर, जी.एस.यादव, एम.पी.आड़े, शेख कलीमुल्लाह खाॅन, शेख कलीम खाॅन, जिला कोषाध्यक्ष जवाहर यादव, मनोहर लोचनम्, दिनेश मिश्रा, टार्जन गुप्ता, बजरंग मिश्रा आदि
नेताओं ने अंग्रेजी माध्यम के शालाओं के लिए विधिवत् बजट आबंटित करने, अंग्रेजी शिक्षकों की नियुक्ति सहित अन्य स्टाफ हेतु सेटअप स्वीकृत करने, अंग्रेजी माध्यम के छात्रों का चयन करने की पूरी प्रक्रिया अपनाने की मांग की है अन्यथा पंजीयक फम्र्स एवं संस्थाएं में पंजीकृत होने नीजि शाला के रूप में संचालित होगा, जो 40 वर्ष पूर्व से अशासकीय शिक्षक संध, वर्तमान् में अतिथी शिक्षक विद्या मितान जैसी गति प्रदेश में होगी, जो न्याय संगत् प्रतीत नहीं होता है। इस ओर मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव को ध्यान आकृष्ट करने की मांग की है।



