छत्तीसगढ़ में अब लगने लगा देशी ”कोवैक्सीन” का टीका

रायपुर (खबर वारियर)- कोरोना की दुसरी लहर के खौफ के बीच वैक्सीनेशन के सबसे व्यापक महाअभियान का शुभारम्भ हो चुका है। देश मे उपलब्ध दोनो वैक्सीन खासकर देशी ”कोवैक्सीन” के अचूक होने को लेकर अनेक आशंकाएँ बुद्धिजीवियों के साथ राजनैतिक दलों के नेताओं द्वारा व्यक्त की जा चुकी हैं। इस होड़ में छत्तीसगढ़ सरकार और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव भी पीछे नहीं थे।
तब सरकार ने प्रदेश की जनता के लिए इसे जोखिम भरा बताकर उपयोग करने से इनकार कर दिया था। अटकलों को तब विराम लगा जब प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने भारत बायोटेक की देशी ”कोवैक्सीन” का टीका लगवाया, जिसके बाद इन तमाम नेताओ की हिचकिचाहट भी काफूर होने लगी।
महाअभियान में निश्चित ही टीके की खुराक की अधिक संख्या में आवश्यकता पड़ेगी जिसे दूर करने में न केवल मदद मिलेगी, साथ ही साथ कोवैक्सिन के अचूकता के दावे को लेकर आँकड़े भी और प्रमाणिक हो पाएंगे। दूसरे चरण में, साढ़े सात लाख वैक्सीन की नई खेप साथ अब प्रदेश की जनता के पास दोनो वैक्सीन में से एक को चुनने का विकल्प मिल सकेगा। हालांकि यह सुविधा किन-किन जिलों में होगी यह खुले तौर पर नहीं बताया जा रहा है, फिलहाल तेजी से कोरोना के चपेट में आ रहे राजनांदगांव जिले के लोगों ने आज विकल्प को आज़माया और देशी वैक्सीन को प्राथमिकता दी।



